24 कंपनियों को राज्य में निवेश करने के लिए बिहार उद्योग विभाग ने लिखा पत्र

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कोरोना वायरस की वजह से आज पूरा देश लड़ रहा है और इस बीच जो एक और परेशानी सामने आई है वह मजदूरों के घर वापसी की। हालांकि संबंधित राज्य सरकारें इस अवसर (मजदूरों के घर वापस आने को) का लाभ उठाने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं।

संबंधित राज्य सरकारें मजदूरों के वापस आने के बाद अपने-अपने राज्यों में उद्योगों-धंधों पर ध्यान देने जा रहे हैं और इसी संबंध में बिहार सरकार भी इस अवसर का लाभ उठाने में लगी हुई है। ज्ञात हो कि Covid 19 की वजह से बिहार में भी करीब 20 लाख माजदूर वापस आये हैं और सरकार के लिए भी इन लोगों को रोजगार देना कहीं न कहीं एक चुनौती हो गई है। मजदूरों की वापसी के बाद सूबे के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सभी को काम देने का वादा किया है।

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इन सारी परिस्थिति को देखते हुए बिहार सरकार में उद्योग मंत्री श्याम रजक ने तकरीबन 24 कंपनियों को राज्य में निवेश करने के लिए कहा है। उन्होंने इन कंपनियों को लिखे पत्र के माध्यम से कहा है कि राज्य की विकास दर 11.3% है और इस विषम परिस्थिति में भी राज्य अपना ग्रोथ रेट 10.5% बनाये हुए है। उन्होंने खास कर फूड प्रोसेसिंग पर ध्यान अवगत कराते हुए कहा कि यहाँ प्रचुर मात्रा में कच्चे पदार्थ उपलब्ध है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि राज्य मक्का उत्पादन में देश में दूसरा स्थान, शहद उत्पादन में चौथा स्थान व सब्जी उत्पादन में सातवाँ स्थान रखता है जो कि फूड प्रोसेसिंग के लिए अच्छा विकल्प है। इसके साथ साथ उन्होंने आईटी, उर्जा, रसायन, चमड़ा, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर, कृषि उपकरण के समान, आदि क्षेत्र में निवेश के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।

जिन 24 कंपनियों को बिहार सरकार ने निवेश का न्योता दिया है वो कंपनियाँ निम्न है:-

नेस्ले इंडिया, हिंदुस्तान फूड, हेरिटेज फूड,केआरबीएल, एलटी फूड, चमनलाल सेतिया एक्सपोर्ट, हैटसंग एग्रोप्रोडक्ट, प्रताप स्नैक्स,डीएफएम फूड, टेस्टी बाइट इटेबल, फूड, सायजी इंडस्ट्रीज, पराग मिल्क, जीआरएम ओवरसीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, खादिम इंडिया, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर, रिलैक्सो फुटवियर, बाटा इंडिया, मिर्जा इंटरनेशनल, हाइडसाइन, आस्ट्रल पॉली तकनीक, फाइनोलेक्स इंडस्ट्रीज जैन इरीग्रेशन और प्रिंस पाइप्स।

बिहार में निवेश करने के पीछे भी उन्होंने कंपनियों का ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने लिखा कि :-

बिहार जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा घरेलू बाजार है, अपने साथ साथ झारखंड, उड़ीसा, बंगाल, यूपी को जोड़ता है। साथ ही इस राज्य की भौगोलिक स्थिति भी अनुकूल है जिससे यह नेपाल, भूटान, बांग्लादेश को आसानी से निर्यात भी कर सकती है। रेल, रोड, एयर ट्रांसपोर्ट की बेहतर सुविधा के साथ साथ उद्योगों को 22-24 घंटे बिजली की सप्लाई भी की उपलब्ध है।
उन्होंने ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि बिहार अपने निर्यात को 900 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2 बिलियन डॉलर हासिल करने जा रहा है। यहां मखाना, सिल्क रेशम और जूट आदि क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावना है। साथ ही उन्होंने बताया कि बिहार ने ‘इज ऑफ डूइंग’ बिजनेस में भारत में तेजी से प्रगति करते हुए 82 फीसदी स्कोर किया है।

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