सावन का पवित्र महीना 6 जुलाई से प्रारंभ, कोरोना संकट में शिवभक्तों को शिवालयों के बजाय, घर में चढ़ाना होगा जल

0
191
- Advertisement -

खगड़िया : सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 6 जुलाई से हो रही है। इस वर्ष सावन में पांच सोमवारी तथा महीने की समाप्ति 3 अगस्त को होगी। इस करोना काल में शिवभक्त शिवालयों में जाकर जल नहीं चढ़ा पाएंगे। मालूम हो कि इसको लेकर शिवभक्तों के बीच बाबा औघड़ दानी शिव शंकर को जल नहीं चढ़ाने से काफ़ी मायूसी है।

आमतौर पर सभी शिव मंदिर सावन आने से पहले ही सज धज कर दुल्हन की तरह तैयार हो जाते हैं लेकिन इस बार वैसा रौनक़ नहीं है। कोरोना संकट के मद्देनजर मंदिर विरान नजर आ रहा है। बेलदौर के बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर से प्रत्येक सोमवार 10, हजार डाक कावड़िए जल भरने के लिए उत्तरवाहिनी गंगा अगवानी से जल भर कर 70 किलोमीटर पांव पैदल चलकर बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर में जल चढ़ाते थे। इस बार भक्तों के मनोबल को करोना ने चकनाचूर कर दिया। बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर में वटवृक्ष 1356 ई वीं में करीब 3 फुट का था, बट वृक्ष करीब 700 वर्ष पुराना है, लेकिन इसे पर किसी पदाधिकारी एवं विश्व धरोहर संरक्षण का ध्यान नहीं पहुंचा है, जो उस धरोहर को संरक्षित करने के लिए प्रशासन के जिन्नोद्वार में आस तोड़ रहा है।

- Advertisement -

बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी गुरुप्रसाद ने बताया कि इस वृक्ष को संरक्षित करने के लिए कोई भी पदाधिकारी अभी तक नहीं आए हैं। उनका कहना था कि करोना काल में जिला पदाधिकारी सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए शिव भक्तों को बाबा शिव शंकर का आराधना पूजा करने अनुमति दे तो, शिव भक्त उत्तरवाहिनी गंगा अगवानी से जल भर का बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर में जल अर्पित करेंगे।

भगवान शिवजी को सावन मास बहुत प्रिय है जो गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से शुरू होने वाले सावन के महीने की शुरुआत इस वर्ष छः जुलाई से हुई। श्रद्धालु इस पूरे महीने शिवजी के निमित्त व्रत और प्रतिदिन उनकी विशेष पूजा आराधना करते हैं। सावन महीना में शिव भक्तों को जल चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण अच्छत फल की प्राप्ति होती है। आज से देश के कोने कोने से सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। इस कोरोना में सभी शिव भक्तों को भोले बाबा के दर्शन नहीं होंगे। सावन महीने में पूजा अर्चना के लिए ज्योर्तिलिंगों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है। बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर अभी तक में दुल्हन की तरह सज जाता था, लेकिन करो ना महामारी को देखते हुए सरकार से लेकर पदाधिकारी तक डाक बम चलने मैं भी परेशानी हो सकती है।

रतुल कुमार ठाकुर
कोशी की आस@खगड़िया

- Advertisement -