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अबू फरहान छोटू
कोसी की आस@किशनगंज
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जिले के टेढागाछ प्रखंड क्षेत्र के चिलहानिया पंचायत का सुहिया गांव आजादी के लगभग 72 वर्षों बाद भी एक अदद पुल के लिए तरस रहा है। सुहिया गाँव के छोटे-छोटे बच्चे नाव में सवार होकर विद्यालय जाने को विवश हैं। एक तरफ भारत में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया की बात हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अभी भी एक गाँव एक छोटे से पुल की राह देख रही है।
सुहिया गाव के स्कूली बच्चे अपना जान जोखिम में डालकर रेतुआ नदी को नाव से पार कर विद्यालय जाने को विवश है। आजादी से अब तक चिलहानिया पंचायत के कई क्षेत्रों का विकास नहीं हो सका आज भी इन गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाओं की घोर कमी है।
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