कोशी व सीमांचल की नदियों के जलस्तर बढ़ने की वजह से तराई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा

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कोरोना महामारी से परेशान बिहार के लोगों के लिए पिछले कुछ समय से बारिश ने मुसीबत खड़ा कर रखा है। लगातार दो दिनों से हो रही मुशलाधार बारिश ने कोसी, सीमांचल व पूर्वी बिहार की नदियां को उफान पर ला दिया है। जिसकी वजह से तराई क्षेत्र में पानी फैलने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।

कोसी क्षेत्र में कोसी की सहायक नदियां तिलयुगा, बालन, घघडी, आदि के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। सुपौल जिले में पिछले 2 दिनों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई जिसकी वजह से जिले के निर्मली और मरौना प्रखंडों की एक दर्जन पंचायतों पर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं मधेपुरा के चौसा, पुरैनी और आलमनगर क्षेत्र में पानी फैल रहा है। लगातार बारिश की वजह से स्थानीय नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

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पूर्वी बिहार के खगड़िया में बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। पिछले 24 घंटे में बागमती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि राहत की बात है कि कोसी नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की चेतावनी के बाद जल संसाधन और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।

कोशी की आस आपलोगों से निवेदन करता है कि इस कठिन समय में सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करें। साथ ही बारिश के वक्त वज्रपात की आशंका के कारण घर से बाहर न निकलें।

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