सुपौल : शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रहे कोसी वासी के बीच फलता-फूलता बोतल बंद पानी का कारोबार

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एन के शुशील

जल प्रदूषण की समस्या कहें या सरकारी उदासीनता, जल के अकूत भंडार वाले कोसी क्षेत्र में पेयजल का कारोबार जबरदस्त रूप से फलने-फूलने लगा है। बोतल बंद पानी पीना व घरों में भी मिनरल वाटर के केन उपयोग करना कोसी वासियों के लिये फैशन नहीं बल्कि मजबूरी बनती जा रही है। इसे जल प्रदूषण की समस्या कहें या सरकारी उदासीनता कि जल के अकूत भंडार वाले कोसी क्षेत्र में पेयजल का कारोबार जबरदस्त रूप से फलने-फूलने लगा है। यहीं वजह है कि बोतल बंद पानी का कारोबार धीरे-धीरे यहाँ व्यवसायिक रूप धारण करता जा रहा है। प्रखण्ड मुख्यालय में हीं वर्तमान में कई वाटर प्यूरीफाईंग प्लांट स्थापित हो चुके हैं। कारोबार से जुड़े व्यवसायियों द्वारा वाटर प्लांट में तैयार शुद्ध पेयजल को छोटे-छोटे वाहनों से घरों व कार्यालयों तक आसानी से पहुंचाया जाता है। यही कारण है कि शुद्ध पेयजल की समस्या से जूझ रहे कोसी वासी इन बोतल व केन वाली पानी पर निर्भर होने लगे हैं। शहर के प्रमुख सड़कों व गलियों में अक्सर नजर आने वाले पानी के वाहन इसकी बढ़ती लोकप्रियता का परिचायक है। जल के विशाल भंडारण वाले इस क्षेत्र में अगर सरकार द्वारा पहल की जाय तो कोसी में पानी का बड़ा उद्योग स्थापित किया जा सकता है। इससे ना सिर्फ देश को पानी की उपलब्धता सुलभ होगी ,बल्कि इस कारोबार से कोसी क्षेत्र आर्थिक रूप से संपन्न भी हो जायेगा।

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