अनुमंडल पदाधिकारी ने किया कोरोना बचाव दल का गठन, मुखिया होंगें अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि को बनाया गया सदस्य

0
76
- Advertisement -

धर्मेंद्र कुमार मिश्रा
कोशी की आस@मधेपुरा

जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन ने पत्र जारी करते हुए बताया कि कोरोना वायरस का प्रकोप देश के विभिन्न हिस्से में तेजी से फैल रहा है और उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के जो मजदूर वर्ग के व्यक्ति थे, वे दूसरे राज्य में लॉकडॉन होने के कारण अपने घर विभिन्न साधनों से वापस आ रहे हैं। क्षेत्रीय भ्रमण और दूरभाष पर विभिन्न राजनीतिक दल के व्यक्तियों द्वारा भी सूचित किया जा रहा है कि अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत बाहर से मजदूर वर्ग के व्यक्ति आ रहे हैं। जिस कारण कोरोना संक्रमण की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

- Advertisement -

इस संबंध में सचिव पंचायत राज विभाग भारत सरकार के पत्रांक A60022/03/2020-E.11 दिनांक 27 मार्च द्वारा निर्देश प्राप्त हुआ है। जिसमें त्रिस्तरीय पंचायत समिति के जनप्रतिनिधि एवं अन्य व्यक्तियों को इस संक्रमण से लोगों को बचाने हेतु सहयोग की अपेक्षा की गई है। इसलिए पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों को दुसरे राज्यों से आए हुए मजदूर वर्ग के व्यक्तियों को चिन्हित कर उसे पंचायत स्तर पर चिन्हित कर क्वारेंटाईन भवन में रखने हेतु कोरोना बचाव दल गठित की गई है।

बचाव दल में मुखिया अध्यक्ष होंगें एवं पंचायत सचिव/जनसेवक /पंचायत रोजगार सेवक में से कोई एक व्यक्ति सदस्य होंगे जिसे प्रखंड विकास पदाधिकारी स्तर से पंजी तैयार करने हेतु काम करेंगें एवं सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, सभी वार्ड सदस्य, गाँव स्तर पर पंजी तैयार करने हेतू वार्ड सचिव, सभी राजनीतिक दल के पंचायत अध्यक्ष, सभी गणमान्य व्यक्ति सदस्य होंगें।कोरोना बचाव दल का यह दायित्व होगा कि वे दूसरे राज्य से आए हुए मजदूर वर्ग के व्यक्तियों को गांव /पंचायत स्तर पर विद्यालय /पंचायत भवन में जो प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा चिन्हित है उसमें ठहराना सुनिश्चित करेंगे एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी उक्त भवन में अपने स्तर से एक कर्मी की प्रतिनियुक्त करेंगे।

साथ ही विद्यालय /पंचायत भवन में ठहराए गए व्यक्तियों से संबंधित सूची संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी /थाना अध्यक्ष /अंचलाधिकारी /प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अधोहस्ताक्षरी को व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराएंगे। ताकि उक्त सभी व्यक्तियों की जांच चिकित्सकीय मोबाइल टीम द्वारा किया जा सके। प्रारंभिक जांच के बाद एवं चिकित्सीय सलाह के बाद ही उसे घर भेजा जाएगा और अगर लक्षण पाया जाएगा तो उसे चिकित्सीय उपचार हेतु बाहर भेजा जाएगा ताकि उसके परिवार में किसी व्यक्ति को संक्रमण नहीं हो सके। अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन ने इसका दृढ़ता से अनुपालन करने को कहा है।उन्होंने कहा की किसी व्यक्ति द्वारा इसका उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी।

- Advertisement -