चौसा: कन्या मध्य विद्यालय में डॉ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया गया

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राहुल यादव
कोसी कि आस@ चौसा, मधेपुरा

कन्या मध्य विद्यालय में बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने की। इस मौके पर प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने कहा कि बाबा साहेब अपना पूरा जीवन सामाजिक बुराइयों जैसे छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया।

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इस दौरान बाबा साहेब गरीब, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। आजाद भारत के वो पहले विधि एवं न्याय मंत्री बने। उन्होंने कहा कि आंबेडकर ही भारतीय संविधान के जनक हैं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए बाल संसद के शिक्षक संयोजक संजय कुमार सुमन ने कहा कि अंबेडकर दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे। जीवन भर दलितों और अन्य सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों हेतु संघर्ष किया।

उन्हें भारतीय संविधान के पिता के रूप में भी जाना जाता है।अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के उनके प्रयास उल्लेखनीय थे। समारोह में डॉ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की तैल चित्र पर विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजलि दी गई।

इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान, शिक्षक रिजवाना इसराइल, हकीम उद्दीन, संजय कुमार सुमन, प्रतिभा गुप्ता, बिंदु कुमारी, संजीवानंद,उमेश प्रसाद यादव, बिंदुला कुमारी, रेहाना खातून, विभा कुमारी, पुरुषोत्तम कुमार, बाल संसद के प्रधान मंत्री साक्षी कुमारी, उपप्रधानमंत्री गुंजन कुमारी, मंत्री उम्मे हबीबा, शिवानी कुमारी, चंचल कुमारी, लवली कुमारी, सोनी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी समेत विद्यालय के सभी बच्चे उपस्थित थे।

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