थाना अध्यक्ष के दुकान बंद रखने की अपील के बाद भी, व्यवसायी चोरी-छिपे चला रहे कपड़े की दुकान।

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मधेपुरा : उदाकिशुनगंज मुख्य बाजार में लाॅकडाउन का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अंचलाधिकारी के साथ थानाध्यक्ष शशि भूषण सिंह खुद माइकिंग कर प्रतिबंधित दुकानों को बंद रखने की व्यवसायियों को चेतावनी दी थी। थानाध्यक्ष ने ऐलान किया था कि लाॅकडॉउन के नियम का अगर कोई उल्लंघन करता है तो सीधा प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

थाना अध्यक्ष की चेतावनी और ऐलान महज एक दिखावा साबित हो रहा है। थाना अध्यक्ष के चेतावनी का उपहास बाजार के व्यवसाई खुलेआम उड़ा रहे हैं। व्यवसाई प्रतिबंधित कपड़े, नाश्ता, चाय, चाउमीन, भुजा आदि की दुकान खोल लॉकडाउन के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर सोशल डिस्टेंसिंग को तार-तार कर रहे हैं। प्रशासन मूकदर्शक बने तमाशा देख रही है।

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रविवार को केजरीवाल लाइफ स्टाइल कपड़े की दुकान पर अंदर भारी भीड़ दिखी। दुकानदार के द्वारा बाहर से शटर गिराकर अंदर लोगों कि भीड़ जमा कर कपड़े की खुलेआम बिक्री कर रहे थे। दुकानदार से जब पूछा गया तो केजरीवाल लाइफ स्टाइल के प्रोपराइटर श्यामु केजरीवाल ने बताया गया कि प्रखंड कार्यालय के नाज़ीर के द्वारा एक सप्ताह पुर्व कपड़ा खरीदा गया था उसी दिन से दुकान संचालित की जा रही है।

इसी तरह के बाजार में दर्जनों प्रतिष्ठान ऐसे हैं जो चोरी छुपे शटर गिराकर अंदर सामान की बिक्री कर रहे हैं। उदाकिशुनगंज बाजार में प्रतिबंधित दुकानें खुलने की वजह से बैंक चौक, गुदरी चौक, सरयुग चौक, पटेल चौक आदि जगहों पर एकत्रित भीड़ पूरी तरह निरंकुश हो रही है और उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। बाजार में पुलिस नदारदगी के वजह से बेवजह भर दिन ट्रिपल लोडिंग बाइक चालकों की होड़ सी मची रहती है। इससे कोरोना के फैलने के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। एक तरफ अनुमंडल क्षेत्र में कोरोना मरीज़ की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है तो दुसरी तरफ उदाकिशुनगंज मुख्य बाजार के व्यवसायी लॉक डाउन नियम को ठेंगा दिखा रहे हैं।

बाजार के ऐसे व्यवसाई जो अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर लॉक डॉन का पालन कर रहे हैं। उन लोगों में आक्रोश गहराता जा रहा है ऐसे व्यवसायी का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होने चाहिए या तो बाजार की सभी दुकानें बंद होने चाहिए या हम लोगों को भी दुकानें खोल कर कपड़ा आदि की बिक्री करने का आदेश देना चाहिए। स्थानीय लोग भी प्रशासन के उदासीन रवैए से खफा हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो लाॅकडॉउन के नियमों का पालन कराने में प्रशासन लापरवाही दिखा रही है। प्रशासन की यह लापरवाही इस क्षेत्र के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

लोगों का कहना है कि मुख्य बाजार की स्थिति बिल्कुल इतर है। शारीरिक दूरी व बेवजह सड़क पर निकलने के लिए लगी पुलिस की ड्यूटी भी यहां नदारद है। यदा-कदा प्रशासन बाजार में निकाल कर निकल कर अपनी उपस्थिति की खानापूर्ति कर देते हैं। उदाकिशुनगंज थाना से सटे 50 गज की दूरी पर एसबीजेएस उच्च विद्यालय के मैदान में लग रही हाट में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जाता है। तय समय सीमा 6 बजे संध्या के बाद भी लगभग 7:00 बजे शाम तक बेरोकटोक हाट चलती रहती है। जबकि जिला प्रशासन ने तय समय सीमा के अन्दर दिवसवार निर्धारित दुकान हीं खोलने की अनुमति दी है।

प्रीतम कुमार
कोशी की आस @उदाकिशुनगंज, मधेपुरा

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