प्रवासी बिहारियों के बिना चिकित्सीय जांच कराए घर में रहने पर हो एफ आई आर -जिला परिषद।

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धर्मेंद्र कुमार मिश्रा
कोशी की आस@मधेपुरा

जिले के उदाकिशुनगंज पूर्वी जिला परिषद सदस्य रीना जायसवाल और मंजौरा पंचायत के पुर्व मुखिया अनिल जायसवाल ने उदाकिशुनगंज अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन से दूरभाष पर बातचीत कर और जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर माँग करते हुए कहा कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में दुसरे प्रदेश से आए लोगों द्वारा लॉक डाउन का पालन नहीं किया जा रहा है।

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लॉक डाउन के दौरान सभी पंचायतों में क्वॉरेंटाइन भवन चिन्हित कर उस पर नोडल पदाधिकारी और मुखिया के अध्यक्षता में कोरोना बचाव राहत दल का गठन किया गया है। बावजूद दूसरे प्रदेश से आए अधिकांश लोग चिकित्सीय जांच कराने ना तो क्वॉरेंटाइन भवन और ना ही पीएचसी पहुंच रहा है। लोग बिना चिकित्सीय जांच कराए अपने-अपने घर पहुंचकर गांव में खुलेआम घूम रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि अगर ऐसे लोगों में एक भी संक्रमित व्यक्ति पाया जाता है तो वह अपने घर और अपने गांवों में कितने लोगों को संक्रमित करेगा यह कहना मुश्किल है। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि अनुमंडल प्रशासन और जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा व्यवस्था के लिए निर्धारित क्वॉरेंटाइन भवन और चिकित्सा केंद्र पर बिना चिकित्सीय जांच कराएं अपने घर और अपने गांव में लॉक डाउन के दौरान घूमना एक दंडनीय अपराध के श्रेणी में आता है। इसलिए ऐसे लोगों पर सीधा एफ आई आर दर्ज किया जाए ताकि गांव और शहर में कोरोनावायरस को फैलने से रोका जाय।

साथ ही एसडीएम से आग्रह किया है कि कोरोनावायरस बचाव और राहत दल के द्वारा सख्ती के साथ दूसरे प्रदेश से आए लोगों को क्वॉरेंटाइन भवन या चिकित्सा केंद्र पहुंचाने का काम करें। अगर बचाओ राहत दल द्वारा सख्ती से चार्ज नहीं किया जाता है तो गांव घर और शहर में महामारी फैलने से बचाने का कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने लोगों से अपील किया कि सरकारी नियमानुसार लॉकडाउन का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देश का सख्ती के साथ लागू किया जा सके। जिला परिषद सदस्य ने बताया कि एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि जारी निर्देश को सख्ती से लागू करवाया जाएगा।

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