सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि मनाई गई

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चौसा, मधेपुरा : कन्या मध्य विद्यालय चौसा, मधेपुरा के परिसर में आज पूर्व उप प्रधानमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 145वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि समारोह आयोजित कर मनाया गया। वल्लभ भाई पटेल की जयंती समारोह राष्ट्रीय एकता दिवस एवं इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया।

देश की आजादी में सरदार पटेल का योगदान हमेशा स्मरणीय-प्रधानाध्यापक विजय पासवान

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मौके पर उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने की। समारोह को सम्बोधित करते हुए प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने कहा कि हिन्दुस्तान को आजादी मिलने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल की पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। देश की आजादी में सरदार पटेल का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। 562 देशी रियासतों का भारत में विलय सरदार पटेल ने ही करवाया था।

वरीय शिक्षक संजय कुमार सुमन ने बल्लभ भाई पटेल एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी के कार्यों व आदर्शों से प्रेरित होकर पटेल भी देश की आजादी के लिए किए जा रहे संघर्ष में शामिल हो गए। बल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष ऐसे ही नहीं कहा गया बल्कि लौह पुरुष जैसा देश में कार्य भी किए और आज पूरा देश लौह पुरुष के नाम पर हर वक्त नतमस्तक रहता है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का देश में अभूतपूर्व योगदान है। अखंड भारत के निर्माण के लिए जो नींव उन्होंने रखी थी,वह आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा का केंद्र है। इंदिरा गांधी ने अपने राजनैतिक जीवन में कई बड़े फैसले लिए जिनमें से कुछ बहुत सफल हुए और कुछ का बहुत विरोध हुआ।

वरीय शिक्षिका रिजवाना इसराइल,रेहाना खातून ने कहा कि जब महात्मा गांधी जेल में थे, तब उन्होंने भारतीय झंडा फहराने को प्रतिबंधित करने वाले अंग्रेजों के कानून के खिलाफ 1923 नागपुर में सत्याग्रह आंदोलन का नेतृत्व किया था। 1931 में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने। 1934 और 1937 में कांग्रेस के अखिल भारतीय चुनाव प्रचार में सबसे आगे थे। वहीं, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के आयोजन में प्रमुख नेता थे। उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन में प्रमुख रूप से शामिल होने के कारण पुलिस ने कैद कर लिया था और 1945 में रिहा किया।

मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान, वरीय शिक्षिका रिजवाना इसराइल, संजय कुमार सुमन, प्रतिभा गुप्ता, विंदु कुमारी, विभा कुमारी, संजीवानंद, शुभम कुमारी, बिंदुला कुमारी, रेहाना खातून, विभा कुमारी, जवाहर चौधरी आदि उपस्थित थे।

राहुल यादव
कोशी की आस@चौसा, मधेपुरा

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