मैथेमैटिक्स गुरू आरके श्रीवास्तव की बढ़ती लोकप्रियता ने बढ़ाया पूरे देश मे बिहार का सम्मान

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आज बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज निवासी मैथेमैटिक्स गुरू फेम आरके श्रीवास्तव को कौन नहीं जानता? उनके शैक्षणिक कार्यशैली के तहत गणित पढाने के तरीके का कायल है पूरी दुनिया। चुटकुले सुनाकर खेल-खेल में पूरी रात लगातार 12 घंटे गणित पढाना किसी चमत्कार से कम नहीं। बिहारी गुरू आरके श्रीवास्तव का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस लंदन सहित कई रिकॉर्ड्स बुक में भी दर्ज हो गया है। दर्जनों अवार्ड से हो चुके हैं अब तक सम्मानित।

आरके श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली के तहत बढती लोकप्रियता ने बढ़ाया बिहार का मान सम्मान। अपने कड़ी मेहनत, उच्ची सोच, पक्का इरादा के बल पर बन चुके है लाखो युवायो के रॉल मॉडल। देश के महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके है आर के श्रीवास्तव के शैक्षणिक कार्यशैली की प्रशंसा। शैक्षणिक मीटिंग के दौरान मैथेमैटिक्स गुरू के नाम से महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कर चुके है सम्बोधित।

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आरके श्रीवास्तव ने युवाओं को हमेशा बताया कि “जीतने वाले छोड़ते नहीं औऱ छोड़ने वाले जीतते नहीं” के मार्ग पर हमेशा आगे बढ़े। आपको सफलता पाना है तो कई असफलता के बाद भी अपने लक्ष्य को छोड़े नहीं उसे पाने के लिये निरंतर परिश्रम करते रहे आपको एक दिन सफलता जरुर मिलेगी। देश के विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक एवं समाजिक कार्यक्रमों में अपने सम्बोधन से बिहार के मान सम्मान को हमेशा आगे बढ़ाते रहा है यह बिहारी गुरू।

दर्जनों अवार्ड से सम्मानित बिहार के अनमोल रत्न है आर के श्रीवास्तव। शिक्षा के तहत रास्ट्र निर्माण मे नि:स्वार्थ योगदान वाले ऐसे सारे गुरुओं को सलाम है। आपको बताते चलें कि बिहार आदिकाल से ही महापुरुषों की भूमि रही है, जिन्होंने हिंदुस्तान सहित पूरे विश्व को मार्ग दिखाया।

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