कोरोनावायरस के लक्षण और बचाव के बताए गए तरीके

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मुंगेर : जिले में कोरोनावायरस के संक्रमण से जन समुदाय को बचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। गुरुवार को ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिए स्वास्थ्य विभाग और केयर इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविकाओं को कोरोनावायरस के शुरुआती लक्षण और इसके बचाव की जानकारी दी गई। केयर इंडिया के डॉक्टर श्रीधर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर कोरोना को हराने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी सेविका को फील्ड विजिट के दौरान खुद की सावधानी बरतने तथा आम लोगों को वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके की जानकारी देंगी। इस दौरान एएनएम और आशा अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का भी ख्याल रखेंगी। ऐसे लोगों को जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने में भी मदद करेंगी। गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए आशा घर जाकर स्वास्थ्य की जानकारी लेती रहेंगी और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने मैं मदद करेंगी। आशा घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी और बचने के तरीके बताएंगी।

संक्रमण से बचने के उपाय

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केयर इंडिया के डीटीएल डॉ अजय कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अति आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकले, नहीं तो दो या तीसरे दिन जरूरत के हिसाब से बाहर निकले, किसी व्यक्ति से आप 1 मीटर की दूरी पर ही बात करें या मिले, साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को पूरी अच्छे तरीके से धोएं या 70% अल्कोहल आधारित हाथ सैनिटाइजर को हाथ ऊपर रगड़ कर साफ करना चाहिए।

वायरस दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति को बनाता है संक्रमित

जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं। इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के नज़दीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर अनजान वस किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं, और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो वहीं कण दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में पहुंचता है। इससे वह व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।

संक्रमण से बचाव का सुझाव

ख़ुद को दूसरों लोगों से अलग कर रखें। इसके अलावा भीड़- भाड़ वाले इलाकें में जाने से बचें। अनजान लोगो से दूरी बनाये रखें। इससे बचने के लिए आप नियमित रूप से और अपने हाथ साबुन और पानी से अच्छे से धोएं। अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं. ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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