कोविड 19 संक्रमण से बचाव के लिए घरों में रहने की अपील, जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर।

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मुंगेर : जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन सोमवार को शहरी क्षेत्र सहित सभी प्रखंडों में माइकिंग कर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रचार प्रसार किया गया। लोगों को इस बात की जानकारी दी गयी कि बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकला जाना चाहिए, अन्यथा घर में ही रहना उचित है। बाहर जाते समय मास्क के इस्तेमाल करने व घर लौटने पर हाथों को 20 सेंकेंड तक धोने आदि के बारे में लोगों को जानकारी दी गयी। इसके साथ ही लोगों से कोरोनावायरस से जुड़े अफवाहों पर भी ध्यान नहीं देने के लिए कहा गया।

सिविल सर्जन डॉ पुरुषोत्तम कुमार ने बताया माइकिंग के माध्यम से लोगों को इस संक्रमण से बचने के लिए घरों में आने के बाद हाथ धोने व घर से बाहर जाने के दौरान मास्क या रूमाल लगाने व सैनिटाइजर आदि के इस्तेमाल के लिए भी कहा गया है। बाहर से आने वाले लोगों के बारे में भी स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की गयी है। यदि कोई बाहर कोरोना वायरस संक्रमित राज्यों या देशों से आया है तो उसकी भी जानकारी दिये जाने के लिए कहा गया है।

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स्वास्थ्यकर्मियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किये गये

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रखंडों के प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के मोबाइल फोन नंबर भी सार्वजनिक किये गये हैं। इन मोबाइल फोन नंबर पर किसी भी संदिग्ध मामले की जानकारी दी जा सकती है। इन स्वास्थ्यकर्मियों से कोरोना वायरस संक्रमण के बारे में व रोकथाम के लिए जरूरी उपायों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

हेल्पलाइन नंबर 06344-228442 जारी

कोविड 19 से सं​क्रमित मरीजों को आवश्यक व समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है व इसके बारे में प्रचार प्रसार कर लोगों को इसकी जानकारी दी जा रही है.

एसीएमओ डॉ अजय कुमार भारती ने बताया संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला में आवश्यक सेवाओं को छोड़ दूसरी चीजों को बंद रखा गया है। पूरे शहर को लॉकडाउन कर हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर 06344-228442 पर आमलोग कॉल कर कोरोना वायरस संक्रमण से संबंधित आवश्यक जानकारी ले सकते हैं। साथ की संक्रमण आदि के बारे में सलाह व आवश्यक सूचना भी दे सकते हैं।

इसके साथ ही जिला नियंत्रण कक्ष में 2 चिकित्सा पदाधिकारियों व 5 पारामेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। तीन पालियों में 24 घंटे के लिए ये चिकित्सक मौजूद होंगे। जिला नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त चिकित्सक, पारामेडिकल कर्मी पीड़ित मरीज के नजदीकी सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दूरभाष पर अविलंब सूचित करते हुए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

सोशल डिस्टेंसिंग को समझना जरुरी

कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात की जा रही है, जिसमें कार्य-स्थल, ऑफिस एवं अन्य सार्वजानिक जगहों पर लोगों से 1 मीटर की दूरी बनाए रखने की गुजारिश की जा रही है। साथ ही भीड़-भाड़ वाले जगह में जाने से, किसी मॉल जाने से या किसी रैली आदि में शामिल होने से बचना चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए कोरोनावायरस पर प्रभावी रोकथाम लगायी जा सकती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि यदि किसी व्यक्ति में सामान्य सर्दी या जुकाम के लक्षण हों तो उन्हें अपने ही घर में कैद हो जाना पड़े। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर यह जरुरी है कि तुरंत चिकित्सक की सलाह ली जाए। हाथों को निरंतर साफ़ करते रहना एवं आस-पास भी साफ-सफाई का ख्याल रखकर इस संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है।

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