लॉकडाउन के दौरान बच्चों के संग बड़े भी घरों में बिता रहे क्वालिटी टाइम

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मुंगेर/1 अप्रैल। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में २१ दिन का लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में लोग अपने अपने घर में ही सीमित हो कर रह गए हैं। कोरोनावायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए अब बच्चे पूरी तरह जागरूक हो गये हैं। आसपास की सड़कों पर शांत माहौल देख बच्चे अपने घरों में ही रहना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि वायरस के प्रकोप के चलते लोगों के दिलों में डर बना हुआ है लेकिन इस लॉकडाउन ने परिवार के सदस्यों को एक बार फिर एक दूसरे के पास आने का मौका दिया है, जो उनकी व्यस्त दिनचर्या के कारण पहले शायद नहीं मिलता था। अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण पैरेंट्स भी बच्चों को अधिक समय नहीं दे पाते थे लेकिन इन दिनों परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर मस्ती कर रहे हैं। साथ ही घर के बड़े खेल – खेल में बच्चों को कोरोना के लक्षण के बार में भी अवगत करा रहे हैं।

प्रदेश से आए लोगों का सर्वे और जांच का सिलसिला जारी

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जिले के प्रखंडों में प्रदेशों से आए लोगों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। प्रखंड क्षेत्रों में आए हुए व्यक्तियों की सूचना मिलते ही मेडिकल टीम घर पर पहुंचकर जांच एवं होम क्वॉरेंटाइन में रहने का निर्देश दे रही है। इस दौरान क्षेत्र के मुखिया, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका एवं आशा कार्यकर्ता द्वारा मेडिकल टीम को सहयोग किया जा रहा है। बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी बीडीओ और प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों को ग्रामीण दे रहे हैं। वहीं असरगंज प्रखंड में बाहर से आए लोगों की जांच के लिए 3 टीम गठित की गई है। असरगंज के बीडीओ अमित कुमार ने बताया बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। वही मुंगेर जिला के जमालपुर प्रखंड मुख्यालय में कोरोना वायरस के मद्देनजर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष का नंबर 06344-241117 जारी किया गया है। जिले में पिछले दो दिनों से एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। जिले में अबतक कोरोनावायरस के 7 पॉजीटिव केस आ चुके हैं।

ग्रामीण या घर के लोग छिपायें नहीं, ऐसे लोगों की दें सूचना

भारत के अन्य प्रदेशों से कई प्रवासी अपने अपने गांव को पहुँच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक पंचायत में एक सरकारी भवन को आइसोलेशन वार्ड की तरह बनाया गया है। जिसमें बाहरी राज्य से आने वाले लोगों को 14 दिनों तक रखा जाएगा। बाहर से आने वाले व्यक्ति चाहे जिस गांव के भी हों, उस गांव के जन प्रतिनिधि, गांव और समाज के लोगों सहित खुद उस व्यक्ति का कर्तव्य भी बनता है कि बाहर से आने वाले सभी लोगों के नाम , पता, मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड नजदीकी थाने, अस्पताल या फिर प्रशसन द्वारा ज़ारी किए गये कंट्रोल नम्बर पर दर्ज करा सकते हैं।

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