लॉकडाउन के दौरान नवजात की देखभाल में नहीं रहे कोई कसर

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मुंगेर, 27 मार्च। कोरोना संक्रमण व इसकी रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग जहां एक ओर पूरी सर्तकता से संदिग्ध मामलों की पुष्टि करने में लगा है, वहीं दूसरी ओर अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मुहैया कराने में भी कोई कमी नहीं है. जिला के सदर सहित प्राथमिक अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से प्रसव कराने, नवजात शिशुओं की देखभाल करने व उनसे जुड़ी सभी आपात स्थितियों से सामना करने के लिए तैयार है. प्रसूति व उसके परिवार को नवजात की देखभाल के बारे में बारीक से बारीक जानकारी दी जा रही है, इस लॉकडाउन की स्थिति में परिवार के सदस्यों को बहुत अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं हो.

सदर पीएचसी के चिकित्सक डॉ सुनील झा ने बताया कोरोना संक्रमण को लेकर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि नवजात को लेकर अस्पताल न भटकना पड़े. वर्तमान हालात में सभी अस्पताल आने से बच रहें तो बेहतर है घर पर उसकी इस प्रकार देखरेख की जाये कि वह बीमार नहीं पड़े. माता नियमित रूप से अपने बच्चे को स्तनपान कराये और भीड़ भाड़ वाली जगहों से बचें. नवजात के साथ घर में एकांत रहना भी वर्तमान समय की मांग है. इसके साथ मां व्यक्तिगत व नवजात की साफ सफाई का ध्यान रखे.

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इन बातों का ध्यान जरूर रखें:

• सबसे पहले हाथों को साबुन से धोकर साफ कर लें और इसके बाद बच्चे को स्तनपान करायें. स्तनपान रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी प्रसूति से नियमित स्तनपान की सलाह दे रहे हैं. ऐसे समय में भी माताएं बिना डरे शिशु को नियमित स्तनपान जरूर करायें.

• नवजात की साफ सफाई समय समय पर करते रहें. साफ सफाई किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकता है. नवजात के नैपकिन को बदलते रहें. अधिक देर तक नैपकिन के गीला रहने से उसे संक्रमण हो सकता है. सूती कपड़ों का इस्तेमाल बेहतर है.

• नवजात शिशु को सुबह के समय गुनगुनी धूप में लेकर 15 मिनट तक जरूर बैंठे. धूप से बच्चे का इम्यून सिस्टम भी मजबूत होत है. जांडिस वाले शिशु के लिए सुबह की धूप काफी लाभदायक है. धूप से नवजात शिशुओं को विटामिन-डी मिलता है. यह हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है. इससे उसकी वजन व लंबाई बढ़ती है.

• यदि घर में सामान्य सर्दी, खांसी व बुखार के मरीज हो तो भी मां उनसे दूर रहने की पूरी कोशिश करें. नवजात को भी दूर रखने में ही भलाई है. सर्दी जुकाम वाले पास पड़ोस के दूसरे लोगों को भी प्रसूति व बच्चे के बहुत करीब नहीं आने दें. प्रसूति कच्चे व अधपके मांस का सेवन से पूरी तरह बचें.

• चिकित्सक से परामर्श कर नवजात के लिए कुछ आवश्यक दवाई अपने पास रखें. बुखार, उल्टी व दस्त जैसी समस्या होने पर आशा व संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को जरूर बतायें

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