मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गाँधी सेतु के बचाव हेतु गाँधी सेतु पर बाँधा रक्षा सूत्र

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सहरसा – दिनांक – 4 अगस्त 2020 को मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज ने प्रेस-विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र पावन दिवस पर गाँधी सेतु बचाने हेतु गाँधी सेतु पर रक्षा सूत्र बाँधा। उन्होंने कहा कि चंद दिनों पहले गडकरी साहब ने 5 सालों से बन रहे गाँधी सेतु के एक लेन का उद्घाटन किया जिसपर यातायात की सुविधा बहाल कर दी गयी है। जिसके कारण वर्षों से गाँधी सेतु पर जाम में फसने वाले लोगों को अब राहत मिली है, एक तरह से बाहन आ रहा है तो दूसरे तरफ से जा रहा है। अब कहीं भी जाम नहीं लगती है, यह तभी संभव हो पाया जब दोनों लेंन एक साथ चालू हुआ है। लेकिन सरकार अब पुनः दूसरे पुराने लेन को तोड़ने की तैयारी कर रही है, यह गलत है। क्योकि अगर फिर से पुराना लेन को तोड़ दिया जाता है जाता है तो नए बने एक ही लेन पर गाड़ियाँ चलेगी, जिसपर अत्यधिक दबाब होगा, एक ही लेन पर दोनों तरफ से गाड़ियाँ आएगी-जाएगी जिससे जाम की समस्या पूर्व की तरह फिर से व्याप्त हो जाएगा, आमजनों को इलाज में, छात्रों को परीक्षा में, सवारी को यात्रा में, पदाधिकारी को नौकरी में एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से हालात पूर्व की तरह बदतर हो जाएगा।

हम सरकार से माँग करते हुये कहा कि जब तक सरकार द्वारा प्रस्तावित ठीक इसके समानांतर नया पुल नहीं बन जाता है, तब तक दूसरे लेन को नहीं तोड़ा जाय, चुकी प्रस्तावित पुल का अधिकतर पाया बनकर तैयार है तो 2-3साल में समानांतर पुल बनकर तैयार हो ही सकती है ।।तब तक इस दोनों लेन को चालू रखा जाय, जिससे यातायात की सुगम व्यवस्था बनी रहे। दूसरा पुराना लेन भी तंदुरुस्त एवं मजबूत है! पिछले पाँच सालो से यही पुराना लेन भारी वाहनों को ढो रहा था इससे इसकी मजबूती समझी जा सकती है।

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उन्होंने आगे कहा कि इसी सब माँगो को लेकर गाँधी सेतु के रक्षार्थ हेतु आज हमलोगों से रक्षा सूत्र बाँधा है मिथिला के विकास में इस सेतु का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहेगा इसपर यातायात की सुगमता MSU की प्राथमिकता है। गाँधी सेतु राजेंद्र पुल व जेपी सेतु इस तीनों पर भारी मालवाहक गाड़ियों का आवागमन प्रतिबंधित है, जिससे मिथिला का आर्थिक विकास रुक सा गया है। व्यापारिक कार्य ठप पर गया है। जब से यातायात सुचारू रूप से चालू हुआ है मिथिला में बालू के दाम में अप्रत्याशित कमी हुई है यह इस पुल का मिथिला के विकास में प्रासंगिकता को दर्शाता है।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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