न घर के ना घाट के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे, उक्त कहावत के साथ किया रहा है ट्रोल

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पटना : लगभग रिटायरमेंट से 6 महीने पहले वीआरएस लेकर जनता दल (यू) का दामन थाम चुके बिहार के पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया। बताते चलें कि सेवा समाप्ति से पहले वीआरएस ले चुके डीजीपी ने बीते दिनों पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष जनता दल (यू) की सदस्यता ली।

सूत्रों के अनुसार बक्सर से उनका विधानसभा चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा था। इसी बीच लगभग सभी पार्टियों में सीटों को लेकर हुई खींचा-तानी में बक्सर सीट बीजेपी के खाते में चली गई। नतीजतन पूर्व डीजीपी को चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लेना पड़ा। यही नहीं अपने फेसबुक पर सार्वजनिक रूप से जानकारी देते हुए पुर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा है कि

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“अपने अनेक शुभचिंतकों के फ़ोन से परेशान हूँ। मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूँ। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लडूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा। हताश निराश होने की कोई बात नहीं है। धीरज रखें। मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूँगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फ़ोन नहीं करे। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है। अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहाँ के सभी जाति मज़हब के सभी बड़े – छोटे भाई – बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम ! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें !”

वहीं सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट के बाद से ही नेताओं से लेकर आमलोगों के बीच तरह-तरह की बातें की जा रही है। सभी अपने-अपने हिसाब से अनुमान लगा रहे हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट
कोशी की आस@पटना

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