पूर्णिया : कोसी नदी की तीव्र कटान से मझुआ, फतेहगंज और सिहुली के लोगों में भय का आलम

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प्रफुल्ल सिंह

कोसी की आस @ बनमनखी, पूर्णिया

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बिहार की शोक कही जाने वाली नदी कोसी अपने किनारे की तीव्र कटान कर मझुआ, फतेहगंज, सिहुली एवं आसपास के अन्य गांवो के निवासियों में भय उत्पन्न कर रही है। दुख इस बात का कि वह कृषकों की कृषि योग्य भूमि को काटकर अपने में मिला रही है, साथ ही भय इस बात का कि जलप्रलय के समय में कहीं इस कटान के माध्यम से नदी अपनी धारा बदलकर कृषि योग्य भूमि के अतिरिक्त निवास स्थल को अपनी चपेट में न ले लें।

हालांकि यह नदी गाद जमा करने एवं अपनी धारा बदलने में जगत विख्यात है। बरसात के मौसम में इस नदी के किनारे बसे लोगों की रूहे काँप उठती है। इस मौसम में यह नदी अपने किनारे की कटान की  तीव्रतम स्थिति में होता है। यही कटान जल प्रलय के समय में नदी को अपनी धारा बदलने में सहायता प्रदान करता है। कोसी नदी के इस तीव्र कटान से चंपावती पंचायत के मझुआ, फतेहगंज, सिहुली ग्रामवासी भय से सहमे हुए है। इसका कारण यह है  कि यह नदी इस गांव से  मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। आज यहाँ के अधिकांश किसानों की भूमि कोसी नदी में समा चुकी है।

कृषक मिथिलेश झा एवं स्वर्गीय शिशु रंजन झा की विधवा पत्नी शिशोमणि देवी की ढाई-ढाई एकड़ कृषि योग्य भूमि कोसी नदी में समा चुकी है। इसके अतिरिक्त बलभद्र झा, ब्रम्हदेव महतो, वीरेंद्र महतो, नवीन झा, निर्भय झा इत्यादि छोटे किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी के कटान की भेंट चढ़ चुका है। इतना कुछ हो जाने के बाद यहाँ नदी किनारे कटान को लेकर कटाव निरोधी कार्य भी किए गए हैं, इसके बावजूद भी नदी का कटान अनवरत जारी है, अब नदी द्वारा कटान कटाव निरोधी हुए कार्य स्थल से आगे हो रहा है। विगत कुछ दिनों से नदी में पानी बढ़ने के कारण कटान की गति इतनी तेज है कि की कटान स्थल के समीप लगभग 20 फीट गहरी खाई बन गई है, जहां घूमते पानी की तीव्र ठोकर किनारे की मिट्टी को गिरा रही है। इस कटान को लेकर नदी किनारे बसे व्यक्ति को किसी अनहोनी की आशंका से हलक में प्राण सूख रहे हैं क्योंकि 20 फीट लंबी खाई बन जाने के कारण किनारे बसे लोगों को यह आशंका है कि उनका छोटा बच्चा बाल सुलभ गुण होने के कारण कहीं खेलते-खेलते गहरी खाई की भेंट ना चढ़ जाए। इन्हीं आशंकाओं को लेकर सोमवार को चंपावती पंचायत मुखिया संजय झा ने नदी किनारे बसे व्यक्ति कैलाश महतो, सुरेंद्र महतो, हरेराम महतो, अजय महतो, राहुल महतो, सुनील, ललन कुमार, सौरभ कुमार के साथ मिलकर नदी कटान वाले स्थान पर जलकुंभी से धेरने का प्रयास किया जिससे किनारे पर ठोकर मारने वाले पानी की गति कम हो सके।

यहाँ हो रहे कटान को लेकर उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से संबंधित विभाग को भी सूचित किया इस संबंध में सहायक अभियंता जल संसाधन पूर्णिया धनंजय कुमार का कहना है कि अभी अररिया जिले में बहने वाली परमान नदी के पानी का दबाव बांध पर होने के कारण विभाग के सभी कर्मचारी बांध को बचाने में लगे हैं, दो दिन बाद यहां हो रहे कटान को रोकने संबंधी कार्य किया जाएगा।

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