पूर्णियाँ : सहयोग संस्थान द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन।

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प्रफुल्ल कुमार सिंह
कोशी की आस@पूर्णियाँ

दिनांक 23 जनवरी 2020 को सहयोग अध्यक्ष डॉक्टर अजीत प्रसाद सिंह के नेतृत्व में सहयोग प्रांगण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर सर्वप्रथम डॉ अजीत प्रसाद सिंह के द्वारा नेताजी के तेल चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया गया, तत्पश्चात छात्र और सदस्यों को संबोधित करते हुए डॉ अजीत ने कहा कि
सुभाष चन्द्र बोस का जन्म: 23 जनवरी 1897, मृत्यु: 18 अगस्त 1945 जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे।

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उन्होंने आगे बताया कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिये, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फौज का गठन किया था। उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा, बन गया है। “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा” का नारा भी उनका था जो उस समय अत्यधिक प्रचलन में आया।

आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार होते हैं जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है।  सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमांडर के रूप में सेना को संबोधित करते हुए ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया। गांधीजी को सर्वप्रथम राष्ट्रपिता कहकर सुभाष चंद्र बोस ने ही संबोधित किया था। जलियांवाला बाग कांड ने उन्हें इस कदर विचलित कर दिया कि वह आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। नेताजी बचपन के दिनों से ही एक विलक्षण छात्र थे, और राष्ट्रप्रेमी भी।नेताजी ने आजादी की जंग में शामिल होने के लिए भारतीय सिविल सेवा की आरामदेह नौकरी ठुकरा दी। भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में उनकी रैंक 4 थी। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को डॉ अजीत प्रसाद सिंह के द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के डॉक्टर सतीश ठाकुर, डॉक्टर आकाश कुमार, डॉ राजेश गोस्वामी व प्रशिक्षिका आशा कुमारी सदस्य राहुल कुमार शर्मा, अक्षय कुमार, पवन कुमार, मोशम कुमार, हिमांशु कुमार, सुमन कुमार, गूंजेंस कुमार सिंह ने अपना विचार प्रस्तुत किया।

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