पूर्णियाँ : ठंड से बचाव हेतु सहयोग संस्थान का जागरूकता अभियान।

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प्रफुल्ल कुमार सिंह
कोसी की आस@पूर्णियाँ

आज दिनांक को सहयोग संस्थान के अध्यक्ष डॉ अजीत प्रसाद सिंह के द्वारा आकाशवाणी रोड पूर्णिया में ठंड से बचाव एवं बरती जाने वाली सावधानी विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए डॉ अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि धीरे-धीरे यह ठंड अपने चरम पर पहुंचने लगी है। ठंड का यह मौसम सेहत से लेकर खूबसूरती तक के लिए वरदान की तरह है। इस मौसम में आप अपने स्वास्थ्य के साथ त्वचा को भी बेहतर बना सकते हैं। लेकिन मौसम के अनुसार कुछ सावधानियां भी बरतनी जरूरी है, ताकि ठंड आपके लिए फायदेमंद साबित हो सके। बदले मौसम में ध्यान रखे जाने वाले कुछ सावधानियों के बारे में उन्होंने जानकारी दी। जानिए ठंड के मौसम में सेहत के लिए क्या करें और क्या न करें ?

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  1. बदलते हुए मौसम में शरीर खुद को मौसम के अनुकूल आसानी से नहीं ढाल पाता। खास तौर से बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुकूल होने में समय लगता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता युवाओं की अपेक्षा कम होती है। ऐसे में सावधानियां न बरती जाए, तो वे जल्दी बीमार भी हो जाते हैं। इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें।

  2. इस मौसम में ठंड के कारण सर्दी, जुकाम और सांस संबंधी रोग अधि‍क होते हैं जिनसे बचने के लिए शरीर में गर्मी बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए प्रतिदिन धूप लें और सुबह-शाम सैर पर जाएं। इससे शरीर में प्राकृतिक रूप से गर्मी बनी रहेगी।

  3. सुबह उठकर अगर आपको पानी पीने की आदत है, तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन ठंड के मौसम में गुनगुना या गरम पानी पीने की आदत बनाएं। इससे शरीर का तापमान बढ़ेगा और आंतरिक अंग सही तरीके से कार्य करेंगे।

  4. इस मौसम में घर से बाहर जाते समय अपने साथ गर्म कपड़ों और स्कार्फ को जरूर रख लें, ताकि लौटते समय अगर शाम हो जाए तो आपको ठंडी हवाओं और सर्द मौसम का सामना न करना पड़े। यह तरीका आपको बीमार नहीं होने देगा।

  5. भोजन में गरम मसालों को शामिल करें। मसाले आपके शरीर को आंतरिक गर्मी प्रदान करेंगे। इसके अलावा अदरक वाली चाय और लौंग, गुड़ व हल्दी का काढ़ा सोते समय पिएं। अगर दूध पीते हैं, तो हल्दी डालकर पिएं। यह सर्दी और बीमारियों से बचाएगी।

  6. इस मौसम में ठंडी व खट्टी चीजों व खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। यह आपको बीमार कर सकते हैं। फ्रिज में रखी चीजों का प्रयोग निकालने के कुछ समय बाद करें जब वे सामान्य तापमान पर आ जाएं।

ठंड का मौसम सबसे ज्यादा बीमार, बुजुर्गों और बच्चों को सताता है। इन तीनों के लिए इस मौसम में खास सावधानी की आवश्यकता है। विशेषकर जो लोग हार्ट के मरीज हैं, उनके लिए सर्दी का मौसम खतरे की चेतावनी लेकर आता है।
डॉ अजीत प्रसाद सिंह के अनुसार सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनी पर भी पड़ता है। इसलिए हृदय रोगियों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए ज्यादा ठंडे माहौल में जाने से बचना चाहिए। यदि ठंड में बाहर निकलें तो अच्छी तरह से ऊनी वस्त्र पहनकर और सिर में भी टोपी आदि लगाकर निकलें।
*इसके साथ ही ज्यादा फैट वाली चीजें खाने और सिगरेट, शराब आदि का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
*सुबह-शाम 3-4 किमी सैर जरूर करें।
* नमक का सेवन कम करें।
* मक्खन व घी का प्रयोग भी सीमित मात्रा में करें।
* तनाव से बचें।
*  गुनगुनी धूप का आनंद लें लेकिन सिर को अधिक तपने ना दें।
* अधिक ठंड बढ़ने पर ताप सेंके मगर कुछ दूरी से।
* ताजा सब्जियां और दलिया का सेवन करें।
*  मीठा अधिक खाने से बचें।
* ज्यादा नहीं लेकिन थोड़ा-थोड़ा व्यायाम जरूर करें।
*ठंड के दिनों की शुरुआत तापमान में परिवर्तन के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी साथ लाती है। इनसे बचेने के लिए सही समय पर बचाव और इलाज तो जरूरी है ही, इससे भी ज्यादा जरूरी है इन बीमरियों की पहचान। बीमारियों के बारे में जानकारी होने पर ही आप इनसे बच सकते हैं।

जानिए ठंड की यह 6  बीमारियां –

  • सर्दी, खांसी और खराश – ठंड के मौसम में सर्दी होना आम बात है, लेकिन इसका सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया तो यह खांसी, जुकाम और गले में खराश का कारण बन सकती है। इनसे बचने के लिए ठंडी चीजों को खाने या पीने से परहेज करें और शरीर को साफ व ठीक तरीके से ढंककर रखें। गले की खराश में नमक के गरारे करना ही अच्छा विकल्प है।

  • सिर में दर्द – ठंड के कारण सिर में दर्द होना भी सामान्य बात है, लेकिन इससे बचने के लिए आपको ठंडी हवाओं से बचने की जरूरत होगी। इन दिनों में अपने सिर को किसी कपड़े, स्कार्फ या मफलर से ढंककर रखें ताकिे ठंडी हवा न लगे और गर्माहट बनी रहे।

*सांस की समस्या – सर्दी के दिनों में आम तौर पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है लेकिन अस्थमा के रोगियों को इससे बहुत दिक्कत हो सकती है। ठंडी हवा या ठंडे स्थानों पर जाने से आपकी यह समस्या गंभीर हो सकती हैं। इससे बचने के तरीकों को ठीक से जान लें और दवा साथ रखें।

  • जोड़ों की समस्या – यह भी ठंड के दिनों में आम बात है लेकिन इनसे बचने के लि‍ए आपको मालिश और सही व्यायाम अपनाने की जरूरत होगी। साथ ही अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान रखना होगा।

*ब्लडप्रेशर – सर्दी के दिनों में रक्तचाप अधि‍क होने से हृदय संबंधी तकलीफें भी हो सकती है। इसके लिए भी आपको व्यायाम और सही उपचार पर ध्यान देने की जरूररत होगी।

  • सीने में दर्द – सर्दी के बढ़ने पर कफ या अन्य कारणों से सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। लेकिल अगर आपको खांसी भी हो रही है तो सीने में यह दर्द जलन भी दे सकता है साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
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