पूर्णियाँ : रिश्तेदारों द्वारा शोषित की जा रही बच्ची की सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन ने बच्ची को लिया संरक्षण में।

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प्रफुल्ल कुमार सिंह
कोसी की आस@पूर्णियाँ

जिले के चाइल्ड लाइन कार्यालय के संपर्क नम्बर 1098 पर सूचना मिली कि एक छह वर्षीय बच्ची रामबाग चौक पर रोते हुए मिली है। सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंच कर सबसे पहले बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। उसके बाद बच्ची को चाइल्ड लाइन कार्यालय लाया गया।

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बच्ची से जब चाइल्ड लाइन ने काउंसलिंग की तो बच्ची ने चौंकाने वाले खुलाशे किये। बच्ची ने बताया कि मुझे छह माह पहले मेरे पडो़स की ही मौसी ने मुझे पढ़वाने के बहाने मेरी माँ और मेरे पिताजी को बोलकर पूर्णिया लाई थी। परन्तु वह मुझे स्कूल के बजाय अपने घर में ही रखने लगी और मुझे फजर के नमाज के बाद ही उठा देती थी और घर का सारा काम करवाती थी।

चाइल्ड लाइन के मो शहजादा हसन ने बताया कि बच्ची से पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया है कि मुझे चार बजे सुबह से लेकर दस बजे रात तक काम करवाती थी। इस बीच मेरी मौसी मुझसे पूरे घर में झाडू पोछा, बर्तन मजवाना , कपडा़ धोना, और बच्चे को गोद में रखकर खेलवाना जैसे कार्य करवाती थी। अगर यह सब काम करने में जडा़ से त्रुटि होती तो मुझे बेलन और करछुल से मारती थी। साथ ही कई दिनों तक भोजन भी नहीं देती थी। जब मेरी माँ मुझे फोन करती थी तो मेरी मौसी मुझे फोन देने से पहले ही डरा देती थी कि माँ को कुछ हमलोगों के बारे में गलत बोली तो तुझे बहुत मारूंगी साथ ही खाना भी नहीं दुंगी। इसी डर से मैं, माँ को बोलती थी कि सब ठीक है।

बच्ची के बदन पर जगह-जगह घाव के निशान भी पाऐ गये है। फिलहाल बच्ची का सारा बयान दर्ज करते हुए बच्ची के मिलने और प्रताड़ित करने का पूरे मामले से बाल कल्याण समिति पूर्णियाँ और श्रम संसाधन विभाग पूर्णियाँ को भी अवगत कराते हुए बच्ची को बालिका गृह में रखवाया गया। कल बच्ची का चिकित्सीय जांच सदर अस्पताल में करवाया जाएगा। उसके बाद बच्ची को प्रताड़ित करने वाले सख्त-से-सख्त कानूनी कारवाई की जाऐगी। इस मौके पर चाइल्ड लाइन के मो शहजादा हसन, मयुरेश गौरव, मुकेश कुमार और खुश्बू रानी मौजूद थी।

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