सहरसा : अपने गायन से अलग पहचान बनाने वाले 12 वर्ष के राज।

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रितेश : हन्नी
कोसी की आस@सहरसा

कहते हैं न कि कला किसी परिचय का मोहताज नहीं होता, जिसके पास कला है उसकी पहचान खुद-व-खुद बन जाती है। इसी कहावत को सच कर दिखाया है जिले के रिफ्यूजी कॉलनी के सुकला देबनाथ और गौरंगो देबनाथ के पुत्र राज देबनाथ ने गायकी के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनायी है।

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राज को 12 वर्ष के उम्र से ही गायकी में दिलचस्पी है। राज की गायन को सुनकर ये कहने में कतई संकोच नहीं कि कम उम्र में राज एक उभरते हुए सितारे हैं। फिलहाल राज कोलकत्ता में रह कर गायन की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और जिले के एम.एल.टी. कॉलेज के इंटरमीडिएट के छात्र हैं। राज ने खास बातचीत में बताया कि उसने अपनी कैरियर की शुरुआत यूट्यूब से की जिसके बाद लोगों के शेयर और कॉमेंट्स से उन्हें आत्मबल मिला। फिर उसने अपने गाये हुए गाने को सोशल मीडिया के जरिए लोगों की वाहवाही बटोरी।

उसके बाद उसने स्टेज शो के माध्यम से कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, कोलकाता, रांची, रायगंज सहित दर्जनों जगह गा कर लोगों का दिल जीता है। राज की ख्वाहिश है कि वो भी एक दिन अच्छा गायक बने और लोगों के जुवान पर सिर्फ उसका नाम आये। आपको बता दें कि राज सहरसा ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में अपने गायकी से लोगों को दिल जीत चुका है। अपनी कामयाबी का श्रेय राज अपने माता-पिता के साथ-साथ उसकी आवाज को चाहने वाले लोगों देते हैं।

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