देश को बर्बादी की ओर ले जाने वाला है बजट 2021-22 – पूर्व विधायक

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सहरसा जिले के सोनबरसा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक तथा भाजपा के पूर्व नेता किशोर कुमार ने केन्द्रीय बजट 2021-22 को जनतालेस बजट करार दिया और कहा कि मोदी सरकार का यह बजट देश को बर्बादी की ओर ले जायेगा। उन्‍होंने कहा कि वित्त मंत्री ने भारत के लोगों खासकर गरीबों, कामकाजी तबकों, मजूदरों, किसानों, स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है। यह पेपरलेस बजट नहीं, यह जनतालेस बजट है।

गत विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा छोड़ने वाले पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि यह बजट देश के साथ धोखा है, ऐसा धोखा आज तक कभी नहीं हुआ था। इस बजट में जनता प्राथमिकता से बाहर हैं और यह पूंजीपतियों का बजट है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 6 साल के कार्यकाल में देश में एक भी उद्योग लगवा पाने में असफल रहे और न ही कोई उत्‍पादन का बड़ा संयंत्र स्‍थापित किया। जबकि आजादी के पहले और बाद की सरकारों ने देश के लाखों लोग की कुर्बानी से हजारों बैंक और उद्योग धंधे स्‍थापित कराये, जिससे देश का निर्माण हुआ। उन्‍होंने कहा कि देश में आज सब कुछ बेचकर सरकार चलाया जा रहा है। भारत सरकार का सबसे मजबूत वित्तीय संगठन LIC है, जिसके 74 प्रतिशत शेयर को सरकार बाजार में बेचने लेकर आ गई। दो बैंक, रेलवे, रेलवे स्‍टेशन, एफसीआई गोदाम समेत कई सरकारी संस्‍थानों को सरकार लगातार बेच कर पैसे कमाने में लगी है। सरकार लोगों के हाथों में पैसे देने के बारे में भूल गई। मोदी सरकार की योजना भारत की संपत्तियों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की है। इससे लगता है कि मौजूदा सरकार सबकुछ बेच कर देश तबाह कर देगी।

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किशोर कुमार ने कहा कि बीते 6 सालों में देश से नौकरियां खत्‍म हो गई। सरकारी आंकड़ें कहते हैं कि आज असंगठित क्षेत्र में 14 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। उस पर कोई चर्चा नहीं। महंगाई चरम पर है, जिसे कंट्रोल करने के लिए कोई चिंता नहीं। साल 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने की बात कहने वाली सरकार ने तो इस बार कृषि बजट ही कम कर दिया। चीन भारत में घुस कर सैकड़ों गांव बना रहा है, फिर भी रक्षा बजट में कटौती कर दी गई। सरकार का एक एजेंडा है – समाज को बाटो राज्य करो। जिसके लिए उन्‍होंने मीडिया के एक बड़े हिस्‍से पर नियंत्रण कर र‍खा है, ये स्थिति देश के लिए दुर्भाग्‍यपूर्ण है।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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