दो बेटियां को जन्म देने से खफा पति समेत ससुराल वालों ने पीट पीटकर विवाहिता को किया अधमरा, इलाज के दौरान मौत

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सहरसा – सदर थाना क्षेत्र के शाहपुर, वार्ड नंबर 4 निवासी अब्दुल मजीद की पुत्री नसीमा स्थानीय गंगजला चौक स्थित निजी नर्सिंग होम के वेंटीलेटर पर जीवन मौत के बीच संघर्ष कर रही थी जिसकी मौत हो गई। नसीमा का गलती थी कि वे लगातार दो पुत्रियों को जन्म दिया। ऐसे में पुत्र की चाह रखने वाले जिले के बिहरा थाना क्षेत्र के सत्तरकटैया गांव निवासी उनके पति मो० अब्दुल रहमान, सास बीबी खातून, देवर मो० जिबरैल, ननंद बीबी सबीना और ननदोसी मो० मुस्तकीम ने उसे कमरे में बंदकर मारपीट किया।

पड़ोसी ने बचाई थी तत्काल जान, 5 दिनों से वेंटिलेटर पर जीनव-मौत के बीच कर रही थी संघर्ष

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फिर दुपट्टे से उनका गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। लेकिन मारपीट के क्रम में उनके चीखने-चिल्लाने से आसपास के पड़ोसियों जुटे। उनकी जान बचाई और गंभीर हालात में निजी नर्सिंग होम भर्ती कराया। जहां से सभी फरार हो गए। जिसके बाद नसीमा के पिता उनकी जान बचाने के लिए जी-जान से जुटे हुए थे लेकिन ऊपरवाले को कुछ और ही मंजूर था।

क्या थी नसीमा की गलती?

6 साल पूर्व नसीमा की शादी उनके पिता ने चार लाख रुपए उपहार स्वरूप जेवरात और घरेलू सामान देकर पूरे हर्षोल्लास एवं मुस्लिम रीति रिवाज से किया था। लेकिन उन्हें पता नहीं था कि वे अपनी पुत्री को जन्नत के बदले जहन्नुम में भेज रहे हैं। शादी के बाद नसीमा ने दो छोटे-छोटे अबोध पुत्री नुसरत और सोफिया को जन्म दिया। लगातार हो रहे बच्चियों के जन्म से उनके पति मो० अब्दुल रहमान सहित अन्य परिजन काफी गुस्से और घृणा की दृष्टि से उसे देखने लगे। जिसके बाद उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की हल्की-फुल्की घटना घटने लगी।

जान लेने की रची गई साजिश बीते?

बीते 17 अक्टूबर को नसीमा की जान लेने की साजिश रची गई। जिसके तहत उन्हें पहले कमरे में बंद कर दिया गया। फिर उनके पति, सास, देवर, ननंद और ननदोसी ने मारपीट करना शुरू किया। नसीमा इसकी सूचना अपने पिता को मोबाइल से दी।जो उसकी आखरी गलती थी। जिसके बाद उनके ससुराल के लोगों ने दुपट्टे से उनका गला दबाकर हत्या करने का कोशिश किया। लेकिन इस दौरान उनके द्वारा किए जा रहे हो-हल्ला से आसपास के पड़ोसी जूटे और उनकी जान बच गई।

5 दिनों से जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही थी नसीमा

लगातार दो पुत्रियों को जन्म देने की सजा के तहत की गई मारपीट और हत्या के प्रयास के बाद बीते 17 अक्टूबर से नसीमा लगातार निजी नर्सिंग होम के वेंटिलेटर पर जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रही है। उनकी सांस कभी भी उनका साथ छोड़ सकती है।

क्या कहा चिकित्सक ने?

उनका इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ० रंजेश कुमार सिंह ने बताया कि नसीमा अभी भी खतरे से बाहर नहीं हुई है। उन्हें लगातार वेंटिलेटर पर रखा गया है। उनकी जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या कहा सदर थानाध्यक्ष ने?

सदर थानाध्यक्ष आर के सिंह ने बताया कि फोन से शिकायत मिली थी। मामला महिला थाना का है। महिला थाना में मामला दर्ज करवाया जाएगा। सभी आरोपी की गिरफ्तारी होगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा। वहीं घटना के सम्बंध में बिहरा थानाध्यक्ष प्रमोद झा ने बताया कि मृतका की पिता के आवेदन पर पति समेत पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपित की गिरफ्तारी हेतु सघन छापेमारी जारी है।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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