डॉक्टर की जगह डॉ का बेटा करता है मरीजों का इलाज, सदर अस्पताल सहरसा का मामला

0
184
- Advertisement -

सहरसा – कोशी इलाके के तथाकथित पीएमसीएच कहे जाने वाले सदर अस्पताल से एक गंभीर मामले के बारे में जानकारी प्राप्त हो रही है। वर्तमान संगीन मामले में सदर अस्पताल सहरसा में कार्यरत डॉ० रंजीत मिश्रा की जगह मरीजों का ईलाज उनके बेटे द्वारा किये जाने का मामला प्रकाश में आया है।

दरअसल सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की जगह उसका बेटा मरीजों का इलाज कर रहा था। जिसका तस्वीर मीडिया के कैमरे में कैद हो गया। दरअसल मीडिया को जानकारी मिली के सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर रंजीत मिश्रा की जगह उनका बेटा इलाज कर रहा जिसके बाद मीडियाकर्मी अस्पताल पहुंच कर ड्रेसिंग रूम में डॉक्टर के बेटे को मरीज का इलाज करते हुए उसे कैमरे में कैद कर लिया गया।

- Advertisement -

स्थानीय स्तर से पता चला कि इलाज करने के दौरान मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी, जो सदर अस्पताल का कर्मी नही है और शल्य कक्ष में ड्रेसिंग का काम कर रहा है। मीडिया कर्मी जब खबर संकलन करने पहुंचे तो ड्रेसिंग कर रहे युवक का दबंगई भी सामने आया जब युवक ने अपने साथ दो अन्य कर्मी जिसको लेकर सदर अस्पताल पहुंचा था। ड्रेसिंग रूम का दरवाजा बंद करने को कहा और इसके बाद दोनों कर्मी जो उक्त युवक के साथ पहुंचा था। दरवाजा बंद कर ड्रेसिंग के कार्य में मशगूल हो गया। इतने में अस्पताल कर्मी के द्वारा शल्य कक्ष का दरवाजा खोलवाया गया।

ड्रेसिंग कर रहे युवक से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम मानस मिश्रा बताया और सदर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रंजीत मिश्रा का बेटा होने की बात कही। और पहले भी इस तरह के ड्रेसिंग सहित उपचार करने की बात कही।जब इस बाबत डॉक्टर रंजीत मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने साफ लहजों में कहा कि मेरे द्वारा ट्रेंड किया गया है और हम जिससे चाहे काम करवा सकते हैं, चाहे वो सदर अस्पताल का चपरासी क्यों न हो?

ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कोशी के पीएमसीएच कहे जाने सदर अस्पताल में डॉक्टर अपने बेटे और चपरासी से काम कराये तो मरीजों का ईलाज भगवान भरोसे ही हो सकता है। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ० अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। इस मामले में जांच की जाएगी जो दोषी पाया जाएगा उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

- Advertisement -