कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कई गाँव जलमग्न, घर छोड़कर ऊंचे जगहों पर शरण लेने लगे लोग

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सहरसा – कोसी बराज से 3 तीन लाख 34 हजार से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के सहरसा जिला अंतर्गत नौहट्टा प्रखंड के पूर्वी कोशी तटबंध के भीतर  बाढ़ का कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कोसी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होने की वजह से नौहट्टा और महिषी प्रखंड के करीब एक दर्जन पंचायत के कई गांव एक बार फिर से बाढ़ की चपेट में आ गया है।

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बढ़ते जलस्तर के दबाव के कारण लोग अपना अपना घर छोड़कर ऊंचे जगह शरण लेने के लिए पलायन करने को मजबूर हैं। अचानक कोशी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने कारण कोसी नदी की उफनाती तेजधारा माल मवेशियों को अपने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बढ़ते जलस्तर के दबाव की वजह नौहट्टा प्रखंड के केदली, बकुनिया, हाटी, डरहार, परताहा, नारायणपुर, झरवा, सहित सात और महिषी प्रखंड के कुंदह, झारा, भेलाही, मंगरौनी, आरा सहित करीब पांच पंचायत बाढ़ से प्रभावित हो चुका है। बाढ़ के पानी से पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। सड़कों पर भी पानी जमा हो गया जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। वहीं तटबंध के भीतर पानी ही पानी नजर आ रहा है। जिस वजह से तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और ऊंचे जगह पर शरण लेने के लिए अपना घर द्वार छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो चुके हैं। जिस कारण पूर्वी कोशी तटबंध के भीतर बसे लोगों को एक बार फिर से घर से बेघर होने का डर सताने लगा है।

हालांकि बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए तटबंध के भीतरी इलाके में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने अलर्ट जारी कर दिया है और इसके अलावे नौहट्टा प्रखंड में एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है। वही नौहट्टा प्रखंड के अंचालाधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मंगलवार की शाम मोटर बोर्ड के सहारे तटबंध के भीतरी इलाका में पहुंच कर बाढ़ का जायजा लिया और बाढ़ में फसे लोगों से गांव खाली कर के ऊंची जगह पर शरण लेने का अपील किया। नौहट्टा प्रखंड के कोसी नदी इटू घाट 78.3 स्पर जो अतिसंवेदनशील घाट माना जाता है उस घाट पर जल संसाधन विभाग के जेई को तैनात किया गया ताकि बढ़ते जलस्तर के गतिविधियों पर पैनी नजर रख सके। कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है।

जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि नेपाल में भारी बारिश के कारण कोशी बराज से 3.42लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पूर्वी कोशी तटबंध के अंदर बसे लोगो को नाव के सहारे ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए कहा गया है। DM ने बताया कि जिला प्रशाशन पूरी तरह से सजग है साथ ही तटबंध के जो बिंदु संवेदनशील है उस पर अभियंताओं को कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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