मास्क उत्पादन में जीविका सहरसा को मिला बिहार में अव्वल स्थान

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सहरसा : कोविड -19 के बढ़ते प्रभाव के बीच स्वरोजगार के नए अवसर के रूप में व्यवसायिक स्तर पर मास्क निर्माण के लिए जिलाधिकारी सहरसा, कौशल कुमार के मार्गदर्शन में जीविका स्वय सहायता समूहो को प्रेरित किया गया । कोरोना महामारी के प्रबंधन हेतु सार्वजनिक स्थलो पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया । ऐसे में आरम्भिक समय में जीविका के दादियो को मास्क बनाने का निर्देश दिये गए । उस समय सिर्फ दो प्रखंडों के 40 दादियों ने इस कार्य की शुरूआत की।

जिला प्रशासन ने उनके द्वारा बने 6000 मास्क खरीद कर अपने कर्मियों के बीच वितरित किया गया । पुनः जीविका की मास्क की मांग बढने पर सभी प्रखंडों में इस कार्य को जीविका की दादियों ने शुरू किया । मनरेगा से सभी प्रखण्डो ने मास्क की माँग पर कुल – 31000 मास्क जीविका स्वय सहायता समूहो की दादियो ने बनाकर मनरेगा को उपलब्ध कराया। इस बीच बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में सभी परिवारों को चार – चार मास्क मुफ्त में देने के लिए निर्देशित किया गया था । जिसमे जीविका एवं खड़ी विभाग द्वारा निर्मित मास्क को प्राथमिकता देने की बात काही गई थी । जिलाधिकारी के प्रयासो से जीविका को सभी पंचायतों से कुल 12 लाख 74 हजार मास्क की अधियाचना प्राप्त हुई । इसके लिए सभी प्रखण्डो में एक-एक नोडल संकुल स्तरीय संध के तहत कुल 960 ( नौ सौ साठ ) स्वय सहायता समूहो के दादियों ने मास्क निर्माण शुरू किया।

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जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक दिन मास्क निर्माण की प्रगति का अनुश्रवण करते हुए गुणवत्ता पूर्ण मास्क पंचायतों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाता रहा। उनके इस प्रयास से वर्तमान में जीविका ने मास्क उत्पादन में पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य से सहरसा को कुल 9 लाख मास्क बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन जिलाधिकारी के निर्देश पर जीविका दादियों ने न सिर्फ इस लक्ष्य को पीछे छोड़ा बल्कि राज्य के सभी जिलो को पीछे छोडते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा तय समय में दिये लक्ष्य को प्राप्त करने वाला पहला जिला बना । इस कार्य में जीविका स्वय सहायता समहों को कुल 960 दादियों को सीधे स्वरोजगार से जोड़ा गया बल्कि लगभग 55 हज़ार परिवार भी नोडल संकुल स्तरीय संधों के द्वारा लाभन्वित हुए। इसमें अधिकतर जीविका दादियों के द्वारा 20 हज़ार से 60 हज़ार तक की आय , इससे प्राप्त किया और उन्होने ये निर्णय लिया है कि इस पैसे से वह कोई न कोई स्वरोजगार करेंगे। सभी ने जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया कि इस कठिन समय में भी उनके प्रयासो से उसके परिवार की, न सिर्फ आय बढ़ी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी मिले।

युगेश्वर कुमार
कोशी की आस@सहरसा

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