पुलिस शिविर के सामने अपराधियों ने राजद कार्यकर्ता को मारी गोली, हालत नाजुक

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सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजनाथपुर पुलिस शिविर के समीप एक चाय दुकान पर चाय पी रहे राजद कार्यकर्ता को बदमाशों ने गोली मार दी। फिलहाल जख्मी की हालत चिंतनीय बनी हुई है। वहीं सरेशाम हुई घटना और पुलिस की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गम्हरिया पंचायत के वार्ड नंबर नौ निवासी राजद के सक्रिय कार्यकर्ता सुबोध कुमार यादव शुक्रवार की शाम थाना के समीप दुकान पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार चार बदमाश पहुंचे और गोलीबारी शुरू कर दी। गोली लगते ही सुबोध वहीं गिर गये जिसके बाद बदमाश हवा में फायरिग करते दहशत फैलाते हुए निकल गए। गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी सुबोध को स्थानीय लोगों के सहयोग से निजी अस्पताल ले गए। जहां वो जिदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

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सूचना मिलते ही बैजनाथपुर पुलिस शिविर प्रभारी संजीव कुमार सदलबल घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। घटनास्थल से गोली का एक खोखा बरामद किया गया है। शिविर प्रभारी ने बताया कि मामले में बदमाशों की पहचान व गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई की जा रही है। घटना के सम्बंध में जख्मी सुबोध के पिता विदो यादव ने बताया कि उनके ही गांव निवासी आशीष कुमार यादव उर्फ छोटू यादव सहित अन्य ने इस घटना को अंजाम दिया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में मुखिया योजना से बन रहे सड़क को बनबा रहे थे। इस दौरान गम्हरिया गांव के ही अपराधी व हत्या के मामले में आजीवन कारावास झेल रहे अरुण यादव के पुत्र विकास यादव ने मोटी रंगदारी मांगी थी। जिसमें रंगदारी नहीं दिए जाने के बाद विकास द्वारा सड़क निर्माण में कार्य कर रहे मजदूर मो० कारी के ऊपर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था। जिसमें उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद आक्रोश में मजदूरों द्वारा खदेड़कर विकास को पकड़ा गया और उसके साथ जमकर मारपीट हुई थी। जिसमें बाद में इलाज के दौरान विकास की भी मौत हो गई थी। उक्त घटना को लेकर विकास के पिता, उनके छोटे भाई आशीष यादव उर्फ छोटू यादव और उनके चाचा बिंदेश्वरी यादव उर्फ़ नेताजी सहित अन्य पर मामला दर्ज हुआ था। उक्त घटना में बीते 6 महीने पूर्व मेल मिलाप करवा ली गई थी। लेकिन विकाश की मौत का बदला लेने के लिए उन लोगों ने हीं उनके पुत्र सुबोध को गोली मारा है।

वहीं जख्मी के सम्बंध में बताते चलें कि सुबोध गम्हरिया पंचायत के मुखिया सुनीता देवी के प्रतिनिधि के तौर पर पंचायत की सभी कार्य के देखरेख करते हैं। जख्मी के पिता ने कहा कि गोलीबारी में आशीष, उनके पिता अरुण यादव और उनके चाचा बिंदेश्वरी यादव का हाथ है। दूसरी ओर घटना के बाद लोगों का पुलिस के प्रति आक्रोश चरम पर था। लोगों का कहना था जब थाना के सामने बदमाश गोली मार सकता है तो लोग कहां सुरक्षित हैं। वहीं उक्त मामले के सम्बंध में सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल मामले की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ित के परिजन द्वारा दिये गए बयान के आधार पर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी भी जारी है।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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