सहरसा : रेलवे ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, महज पौने तीन घंटे में ही बना दिया अंडरपास।

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मधेपुरा-सहरसा रेलखंड पर रेलवे ने एक सप्ताह के भीतर अपना ही बनाया रिकॉर्ड तोड़ दिया। रेलवे ने शनिवार को मधेपुरा-सहरसा रेलखंड के मिठाई के पास फाटक संख्या 94 ए के पास महज पौने तीन घंटे में अंडरपास तैयार कर यह रिकॉर्ड बनाया है।

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मधेपुरा-सहरसा के बीच अतिव्यस्त मुख्य सड़क एनएच 107 पर यात्रियों और वाहन चालकों को जाम से निजात दिलाने के लिए चार अंडरपास निर्माण कराने का रेलवे द्वारा निर्णय लिया गया है। इसमें मिठाई के पास फाटक संख्या 94 पर बीते 29 फरवरी को 12 फीट ऊंचा अंडरपास साढ़े चार घंटे में तैयार किया गया था। इसके बाद 94 ए पर शनिवार को अंडरपास निर्माण कार्य के लिए निर्धारित समय से 15 मिनट बाद सुबह 8.45 बजे ब्लॉक लिया गया। बगल में एक कैनाल नदी गुजरने के कारण मात्र 20 मीटर बची जगह में मशीन, मजदूरों और रेलकर्मियों से कार्य कराना थोड़ा कठिनाइयों से भरा था। इसके बावजूद रेल अधिकारियों की पूरी टीम ने इस तरह की कुशल तैयारी की, कि दिन के साढ़े 11 बजे महज तीन घंटे में ही 12 फीट ऊंचा अंडरपास बनकर तैयार हो गया।

  • निर्माण के दौरान छह स्लैब को ढालते हुए सात सिग्मेंटल बॉक्स लगाए गए। रेल इंजीनियरिंग विभाग ने साढ़े 11 बजे ही लाइन क्लियर करने के लिए स्टेशन को मेमो दे दिया। हालांकि रेल बिजली विभाग द्वारा विद्युतीकृत तार जोड़ने के बाद मधेपुरा-सहरसा रेलखंड पर दिन के 12 बजे से ट्रेन सेवा बहाल हुई। इस दौरान सहरसा-मधेपुरा अप डाउन पैसेंजर ट्रेन ( 55569/70) रद्द रही। पूर्णिया कोर्ट से सहरसा के लिए डेमू ट्रेन (75261) साढ़े तीन घंटे की देरी से खुली। जयनगर से मनिहारी जाने वाली जानकी एक्सप्रेस दो घंटे से अधिक विलंब हुई। ट्रेनों के रद्द और विलंब परिचालन से रेल यात्रियों को एक दिन काफी असुविधा भी हुई, लेकिन इस अंडरपास के बन जाने से एन एच 107 का उपयोग करने वाले मुसाफिरों को काफी सुविधा होगी।

अंडरपास निर्माण को लेकर एक दिन पूर्व से ही कार्यस्थल पर समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीईएन थ्री मयंक अग्रवाल कैम्प कर रहे थे। उनके साथ लगातार सहायक मंडल अभियंता सहरसा मनोज कुमार कार्यस्थल पर मौजूद थे। इन दोनों अधिकारियों की मॉनिटरिंग में कार्य चल रहा था। इनके अलावा आईओडब्ल्यू प्रभात कुमार, सुनील कुमार, प्रकाश चन्द्र, सुभाष कुमार, एईई जयप्रकाश, एएसटीई संजीव कुमार, एसएस मधेपुरा पारसनाथ मिश्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। सीनियर डीईएन थ्री ने तय समय पांच घंटे से काफी कम समय में अंडरपास निर्माण पर सभी को बधाई दी।

अंडरपास में बरसात का पानी नहीं लगे इसकी होगी व्यवस्था

अंडरपास के अंदर बरसात का पानी नहीं लगे इसके लिए छावनी और कंक्रीट की दीवार रहेगी। 100-100 मीटर का दोनों तरफ एप्रोच रोड रहेगा। अंडरपास से 11 फीट से ऊंचे वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के ऊंचे वाहन दूसरे वैकल्पिक मार्ग/फाटक से गुजारे जाएंगे।

ऊपर से रेल और नीचे से गुजरेगी वाहन

अंडरपास चालू होने के बाद ऊपर से रेलगाड़ी और नीचे से वाहनों व राहगीरों की आवाजाही होगी। कभी भी रेल फाटक गिराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेवल क्रॉसिंग 94, 94 ए, 97 और 98 को समाप्त करने से जहाँ रेलवे को लेवल क्रॉसिंग पर रिटायर्ड सैनिक की ड्यूटी लगाने पर होने वाले खर्च बचेंगे। वहीं इस मार्ग में बिना किसी रुकावट के दिन-रात लोगों की आवाजाही होगी। रेलवे द्वारा लेवल क्रॉसिंग हटा, अंडरपास कई ऐसी जगह बनाया जा रहा है, जहाँ सीधे रास्ते में नहीं होकर घुमावदार है। अंडरपास बन जाने से इन जगहों पर होने वाली दुर्घटना भी रुकेगी।

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