सहरसा में विकराल होती जल संकट की समस्या

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राजेश कुमार, सहरसा

 

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प्रखंड क्षेत्र में जल संकट की समस्या विकराल होती जा रही है। एक लाख दस हजार की आबादी वाले प्रखंड के लोगों के सामने शुद्ध पेयजल की समस्या आजादी के बाद से ही है। सात पंचायत में विभक्त प्रखंड में एक बड़ा जलमीनार एवं सभी पंचायत में जलमीनार बनाए गए लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण सभी जल मीनार बंद पड़े हैं। वहीं दूसरी ओर बारिश की कमी व तेज धूप में तालाब भी सूखने लगे हैं। इस भीषण गर्मी में इंसान व जानवर दोनों के लिए जल संकट की स्थिति बन गयी है।

भू-जल का अत्यधिक दोहन होने के कारण धरती की कोख सूख रही है। बारिश नहीं होने के कारण जलस्तर कम हुआ है। इस कारण तालाब भी सूखने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी बारिश कम हुई तो भू-जल स्तर और कम हो जाएगा। इसका व्यापक दुष्परिणाम लोगों को झेलना होगा।

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