वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों के होम आइसोलेशन को लेकर गाइडलाइन्स की गयी जारी

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सहरसा : कोरोना संक्रमितों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार भी नियमित अंतराल पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार के लिए गाइडलाइन्स भी जारी कर रही है। इस दिशा में सोमवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पुनः वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों के होम आइसोलेशन को लेकर गाइडलाइन्स जारी कर विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है।

वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों को ही होम आइसोलेशन की सलाह:

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कोरोना संक्रमितों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा कोविड केयर सेंटर बनाये गए हैं। चिकित्सकीय जांच के बाद यह स्पष्ट होता है कि संक्रमित व्यक्ति को कैसी सुविधा की जरूरत है। संक्रमितों को संक्रमण के आधार पर 4 श्रेणियों में बांटा गया है। जिसमें वेरी माइल्ड, माइल्ड, मॉडरेट एवं सीवियर कोविड-19 संक्रमण शामिल है। माइल्ड मामलों के लिए कोविड केयर सेंटर, मॉडरेट के लिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर एवं सीवियर कोविड-19 संक्रमण मामलों के लिए डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल की व्यवस्था की गयी है। जबकि चिकित्सकों की पुष्टि के बाद वेरी माइल्ड कोविड-19 मामलों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गयी है, जिसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी कर विस्तार से इस संबंध में जानकारी दी है।

होम आइसोलेशन के लिए योग्यताएं :

• मेडिकल ऑफिसर द्वारा वेरी माइल्ड कोविड-19 की पुष्टि की गयी हो।
• ऐसे व्यक्तियों के घर पर होम आइसोलेशन की सुविधा उपलब्ध हो।
• होम आइसोलेशन के दौरान 24 घन्टे देखभाल करने वाला कोई व्यक्ति उपलब्ध हो।
• आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड कर उसे हमेशा एक्टिव रखना जरुरी है।
• मरीज की स्वास्थ्य स्थिति से जिला सर्विलांस पदाधिकारी को अवगत कराते रहना जरुरी है।
• होम आइसोलेशन में गए व्यक्ति को सेल्फ आइसोलेशन अंडरटेकिंग फॉर्म भरना जरुरी होगा।

इन परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह होगा जरुर

• यदि व्यक्ति को सांस लेने में अधिक तकलीफ हो रही हो।
• छाती में निरंतर दबाब या दर्द हो रहा हो।
• मानसिक संशय बढ़ रहा हो या सोचने में दिक्कत हो रही हो।
• यदि चेहरा या ओंठ नीले पड़ रहे हों।

कब होम आइसोलेश्न से मुक्त हो सकते हैं:

जिला सर्विलासं पदाधिकारी द्वारा सत्यापित करने के बाद ही होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्ति को आइसोलेशन से मुक्त किया जा सकता है। इसके लिए संक्रमित व्यक्ति में कोरोना के किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं होने चाहिए जिसकी पुष्टि लैब टेस्ट की रिपोर्ट के नेगेटिव आने के बाद ही संभव है।

देखभाल करने वाले व्यक्ति भी बरतें ये सावधानियां:

• ट्रिपल लेयर मेडिकल डिस्पोजेबल मास्क का इस्तेमाल करें। साथ ही अपने चेहरे, मुँह एवं नाक को छूने से बचें।
• नियमित तौर पर हाथों की सफाई करें। लगभग 40 सेकंड तक साबुन एवं पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनीटाइजर का प्रयोग करें।
• संक्रमित से डायरेक्ट कांटेक्ट में आने से बचें। मरीज को किसी भी तरह से छूने से पहले हैण्ड ग्लोब्स का प्रयोग करें।
• संक्रमित मरीज द्वारा इस्तेमाल किसी भी चीज को इस्तेमाल न करें।
• संक्रमित मरीज की स्वास्थ्य पर पैनी नजर रखें।

संक्रमित भी होम आइसोलेशन के दौरान बरतें सावधानियां:

• हमेशा ट्रिपल लेयर मेडिकल डिस्पोजेबल मास्क का इस्तेमाल करें। 8 घन्टे के बाद मास्क को डिस्पोज कर दें।
• मास्क को सोडियम हाइपो-क्लोराइट से डिश-इन्फेक्ट करने के बाद ही बाहर फेंकें।
• मरीज पर्याप्त मात्रा में आराम लें एवं प्रचुर मात्रा में पानी पीएं।
• लगभग 40 सेकंड तक साबुन एवं पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल बेस्ड सैनीटाइजर का प्रयोग करें।
• निजी सामान किसी दूसरे के साथ साझा न करें।
• जिन सतहों एवं चीजों को छुते हों उसे नियमित तौर पर हाइपो-क्लोराइट से डिश-इन्फेक्ट करें।
• चिकिस्त्कीय सलाह को पूरी तरह पालन करें।
• अपना ख्याल खुद रखें एवं अपने शारीरिक तापमान को प्रतिदिन मॉनिटर भी करते रहे।

युगेश्वर कुमार
कोशी की आस @सहरसा

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