विजयोउत्सव के रूप में मनाया गया बाबु वीर कुंवर सिंह जयंती

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सहरसा :- बाबू वीर कुंवर सिंह जो विजयोत्सव के रूप में मनाया जाता है, के अवसर पर गुरुवार को वीर कुंवर सिंह जागरण मंच के द्वारा स्थानीय कुँवर सिंह चौक तथा वीर कुंवर सिंह उच्च विद्यालय स्थित कुंवर सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलु ने बताया कि हर वर्ष बड़े ही धूमधाम से आयोजित होने वाले इस समारोह को इस वर्ष भी उत्साह पूर्वक मनाने की योजना बनाई गई थी, केंद्रीय मंत्री का भी कार्यक्रम तय था। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए सारे कार्यक्रम को रद्द कर केवल माल्यार्पण कर वीर योद्धा को नमन किया गया।

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विधायक श्री सिंह ने कहा कि हम सभी के लिए आज का दिन गर्व और सम्मान का है। आज का दिन हम सब के आन बान शान एवं सम्मान की रक्षा करने वाले इतिहास के बाजीगर जिन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे, अगर उस समय कुछ छली ने बाबू वीर कुंवर सिंह के साथ छल नहीं किया होता तो शायद 1857 भारत स्वतंत्र हो गया रहता। वहीं पुर्व विधायक संजीव झा ने कहा कि 1857 का संग्राम ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक बड़ी और अहम घटना थी। इस क्रांति की शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ से हुई, जो धीरे-धीरे बाकी स्थानों पर फैल गई। वैसे तो संग्राम में कई लोगों ने अपनी जान की बाजी लगाई लेकिन अंग्रेजों के साथ लड़ते हुए अपने क्षेत्र को आजाद करने वाले एकमात्र नायक बाबू वीर कुंवर सिंह थे। उन्होंने 23 अप्रैल 1858 को शाहाबाद क्षेत्र को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराया था। उन्होंने जगदीशपुर के अपने किले पर फतह पाई थी और ब्रिटिश झंडे को उतारकर अपना झंडा फहराया था। उसी आजादी का पारंपरिक विजयोत्सव दिवस 23 अप्रैल को मनाया जाता है।

बताते चलें कि इस दौरान सोशल डिस्टेंस का भी ख्याल रखा गया। माल्यार्पण के बाद कोरोना महामारी में योद्धा के रूप में लगातार कार्यरत सफाईकर्मी शहर के चौक-चौराहे पर तैनात अधिकारी व पुलिसकर्मी सहित अन्य लोगों के बीच सेनिटाइजर, मास्क आदि का वितरण किया। मौके पर मंच के अध्यक्ष व विधायक नीरज कुमार बबलू, पूर्व विधायक संजीव झा, पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, विजय बसंत, मुरली प्रसाद सिंह, मुरारी सिंह, प्रो० मिथिलेश झा, राजीव उर्फ राजू सिंह, सुरेश प्रसाद सिंह, बम शंकर सिंह, दिलीप सिंह, गौरी शंकर झा, हरिओम सिंह, संगम सिंह, माधव राज सिंह, सुभम सिंह, रानू सिंह, सौरभ सिंह, बिपुल सिंह सहित अन्य ने महान सेनानी को नमन कर माल्यार्पण किया।

रितेश : हन्नी
कोशी की आस@सहरसा

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