यूँ तो कईयों ने मनाई गाँधी जी की 150वीं जयंती, लेकिन क्यों था ख़ास “रोटी बैंक, सहरसा” का।

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जहाँ कई संस्थानों में 2 अक्टूबर को #राष्ट्रपितामहात्मागाँधीजी के #150वींजयंती पर उनकी प्रतिमा और तैल चित्र पर फूल माला चढ़ा, लंबे-लंबे भाषण दिए गए, वहीं सहरसा के बेसहारा गरीबों के बीच नित्य मुफ़्त भोजन प्रदान करने वाली संस्था “रोटी बैंक सहरसा” की टीम द्वारा अहले सुबह ही मलिन बस्ती में जाकर स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता कार्यक्रम के तहत स्वच्छता किट और बहनों के द्वारा #सैनिटरीपैड का वितरण तथा दोपहर में #युरोकिड्स-#प्री #स्कूल, सहरसा के नन्हें-मुन्हें बच्चों के साथ उनके द्वारा #दानउत्सव में जमा किये गए खाद्य सामग्री एवं कपड़े आदि का गरीब बच्चों के बीच वितरण किया गया।

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“रोटी बैंक सहरसा” की टीम के सदस्य से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आज का दिन काफी
व्यस्ततम परंतु अलौकिक अनुभूतियों से लबरेज एक यादगार पल था।

आगे जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि हमारी टीम के द्वारा गाँधी जी के सपनों का भारत #स्वच्छभारत, #स्वस्थभारत की दिशा में शहर के #शारदानगर, #बटराहा के मलिन बस्ती में #स्वच्छताजनजागरूकता_कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत वहाँ मुफलिसी, फटेहाली की जिंदगी जीने को मजबूर लोगों को खुद स्वच्छ रहने और आसपास को साफ रखने के लिए प्रेरित किया गया तथा उन्हें उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। सभी परिवारों को दैनिक जरूरत की चीजें यथा साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, ब्रश, टूथ पेस्ट, टंग क्लीनर का किट प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि वहाँ मौजूद बच्चे #बिस्किट्स पाते ही आनंदित हो मचलने लगे। यकीन मानिये उनके चेहरे की अलौकिक मुस्कान पूरे शरीर को सेवा के लिए ऊर्जान्वित कर दे रही थी।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के स्वस्थ जीवन से जुड़ी सबसे बड़ी पहलू #माहवारी है। उनके जीवन से जुड़ा यह एक अत्यावश्यक पहलू है, परंतु आज भी हमारे पितृसत्तात्मक समाज में स्त्रियाँ इस पर कभी खुलकर अपनी परेशानियां नहीं बता पातीं। लज्जा की वजह से सैनिटरी पैड के सही तरीके से इस्तेमाल की जानकारी भी साझा नहीं कर पाती हैं। उनके हिचक-झिझक रूपी अवधारणा को कम करने के लिए हमारी सेवा से सक्रियता के साथ जुड़ी रहने वाली मातृशक्तियों #सोनाली, #शालिनीसिंहतोमर, #कोमलपंजियार और #सीमा जी ने गरीबी में बसर कर रही उन लड़कियों- महिलाओं को ना केवल #सैनिटरीपैड के महत्व को अच्छे से समझाया बल्कि उन्हें निःशुल्क “सैनिटरी पैड” भी प्रदान किया।

उसके बाद कार्यक्रम के अंतिम चरण में रोटी बैंक के सदस्य के द्वारा हाथ की सफाई के बारें में विस्तार से बताया गया। लोगों ने रोटी बैंक के इस कार्यक्रम को काफी सहरानीय कदम बताया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन समाज में लगातार होना चाहिये जिससें लोगों के बीच जागरूकता बनी रहें। राहुल गौरव, रौशन कुमार भगत, पंकज कुमार, मुकुन्द माधव, अजय कुमार,अमन गौरव, शालनी सिंह तौमर, कोमल पंजियार, सोनाली कुमारी, सीमा कुमारी, चन्दन कुमार आदि लोगों ने इस कार्यक्रम को बखूबी अंदाज में सफल बनाया।

इस कार्यक्रम के आयोजक आगे कहते हैं कि हमारी निगाह में बापू के प्रति इससे अच्छी श्रद्धांजलि नहीं हो सकती है। श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने से बेहतर है कि उनके बताये मार्ग का अनुसरण करते हुए मानवता की सेवा की जाये।

निःसंदेह “रोटी बैंक सहरसा” की टीम के द्वारा गाँधी जी की 150वीं जयंती पर उन्हें जो एक अनोखी और अद्वितीय श्रद्धांजलि दी गई है, न सिर्फ सराहनीय है बल्कि अनुकरणीय भी। “कोसी की आस परिवार” की ओर से “रोटी बैंक सहरसा” के द्वारा अपने नियमित कार्य यथा प्रत्येक दिन गरीबों को मुफ़्त खाना वितरित करने के आलावे इस तरह के अनोखे कार्य के लिए बहुत सारी शुभकामनाएं। “कोसी की आस परिवार” आशा करती है कि इस तरह के कार्य से युवाओं में सेवा भाव की भावना में व्यापक विकास होगा, और गाँधी जी के सपनों के भारत बनाने में हमलोग सफल होंगे।

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