भक्तिमय माहौल में की जा रही माँ दुर्गा के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा-अर्चना

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सुपौल जिले के छातापुर में माँ दुर्गा के सातवें रूप माँ कालरात्रि की पूजा-अर्चना भक्तिमय माहौल में की जा रही है। महाशक्ति देवी दुर्गा का सातवां स्वरूप है कालरात्रि। माँ दुर्गा के स्वरूप कालरात्रि को काल का नाश करने वाला माना जाता है, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है।

नवरात्र की सप्तमी तिथि को माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। इनकी नाक से अग्नि की भयंकर ज्वालाएं निकलती रहती हैं। इनका वाहन गधा है। माँ कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र जो ललाट अर्थात सिर के मध्य स्थित करना चाहिए। इस आराधना के फलस्वरूप भानुचक्र की शक्तियां जागृत होती हैं। माँ कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है। जीवन की हर समस्या को पलभर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है। शत्रुओं का नाश करने वाली माँ कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती है।

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एन के सुशील
कोशी की आस@छातापुर,सुपौल

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