सुपौल : भ्रष्टाचारियों के लिए कामधेनु बनीं, मुख्यमंत्री का सात निश्चय योजना।

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सोनू/अक्षय

कोसी की आस@सुपौल

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मुख्यमंत्री का सात निश्चय योजना पिपरा प्रखंड में जहाँ जनता के लिए असरदार साबित नहीं हो रही हैं, वहीं यह योजना भ्रष्टाचारियों के लिए कामधेनु बनी हुई हैं। योजनाओं को लूट-खसोट का जरिया बना देनेवाले भ्रष्ट लोगों में कुछ सरकारी कर्मी, ठेकेदार बिचौलिए व प्रतिनिधि सभी शामिल हैं। इनका गठजोड़ इतना तगड़ा है कि अनियमितताओं की भरमार रहने के बावजूद गलत काम करने वालों के खिलाफ आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ओडीएफ अभियान से लेकर घर तक पक्की गली व नालियां एवं हर घर नल का जल तक सारी योजनाओं में खुलेआम लूट खसोट का दौर चल रहा है। घर तक पक्की गली व नालियां तथा हर घर नल का जल योजनाओं में धांधली इतनी अधिक है कि कार्यस्थलों पर सूचनापट तक नहीं है। हर सप्ताह प्रखंड मुख्यालय में योजनाओं की समीक्षा होती है। कई बार अधिकारियों ने कार्यस्थलों पर जाकर जांच की, लेकिन आज तक ये योजनाएं पटरी पर नहीं आईं। न ही धांधली करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई। आश्चर्य की बात यह है कि प्रखंड मुख्यालय से जुड़ी पंचायतों में भ्रष्टाचार सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। प्रखंड मुख्यालय से जुड़ी रामनगर पंचायतों में नली गली योजना में इतनी अनियमितताएं बरती गई हैं कि नहीं लगता कि अब इन योजनाओं से यहां के लोगों को कभी सुविधा मिल पाएगा।

रामनगर पंचायत में इन योजनाओं की शुरुआत गलत तरीके से कर उद्देश्यों की बलि चढ़ा दी गई। योजना का उद्देश्य नली व गली को जोड़ना, लेकिन मुख्यमंत्री के सात निश्चय, घर तक पक्की गली व नालियां योजना में तो इन पंचायतों में इतनी धांधली हुई है कि पता ही नहीं चल रहा है कि काम कहाँ हुआ है। रामनगर पंचायत के वार्ड 14 वार्ड में मेन रोड से लक्ष्मी भगत के घर से पश्चिम जाने वाली सड़क जो नहर तक जाती है। फेवर ब्लॉक से काम किया जा रहा है। देखा जाए तो पूरे घटिया सामग्री से काम किया जा रहा था। फिलहाल अभी ग्रामीणों ने काम को रोक दी है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्च अधिकारी से जब तक योजनाओं की जांच नहीं हो जाती और जब तक सूचना पट्ट बोर्ड नहीं बन जाती तब तक कार्य नहीं होने देंगे। जब कार्य के बारे में वार्ड सचिव लक्ष्मी भगत से पूछा गया तो चौंकाने वाली बात सामने आई वार्ड सचिव ने बताया कि मुझे कार्य के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला है। लेकिन वार्ड सदस्य मुझे झांसा में लाकर चेक पर साइन करवा लिए है। ग्रामीणों ने बताया कि पूरी पंचायत का यही हाल है। देखा जाए तो वार्ड नंबर 16 में प्रभु मंडल के आम बगीचा के पास बांध से भूपेन्द्र मंडल के खेत तक यू फेवर ब्लॉक से कार्य किया जा रहा है। वह भी पूरे घटिया सामग्री से किया जा रहा है। अभी योजना पूरा भी नहीं हुआ कि सड़क टूटने लगा और खास बात यह है कि योजना का काम पूरा होने वाला है लेकिन अभी तक सूचना पट्ट बोर्ड नहीं लगा है। वार्ड नंबर 13 में देव मंडल के घर के निकट पीपल पेड़ से आगे होते हुए मुसलमान टोला के रास्ते मुख्य मंडल को जोड़ने वाली सड़क वह भी फेवर ब्लॉक से किया जा रहा है। इस बाबत वार्ड सदस्य शिवचंदर मंडल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि  बोर्ड तो अभी नहीं बनाए हैं। उनको लागत भी पूछा गया कितनी लागत से कार्य किया जा रहा है, तो उन्होंने बताया कि अभी एस्टीमेट नहीं बना है। इस बाबत पिपरा आर डी ओ अरविंद कुमार ने बताया कार्य की जांच की जाएगी। जांच उपरांत कार्य में कोताही बरतने वाले पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विरोध करता भूपेन्द्र मंडल, रामकिशुन मंडल, बबलू मंडल, अमीर साह, महेश्वर दास, ललिता देवी, सियाराम दास, मुन्नी देवी, जोगिंदर साह, प्रभूदास, विश्वनाथ दास, शैलेंद्र दास, अर्जुन साह आदि।

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