सुपौल : छातापुर में ब्रह्मा कुमारी के द्वारा त्रिमूति शिव जयंती महोत्सव मनाया गया।

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एन के सुशील
कोशी की आस@सुपौल

प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वाधान में छातापुर बाजार स्थित भोपाल सिंह बच्छावत के आवास परिसर में मंगलवार को 84 त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव धूम धाम से मनाया गया। जिसमें शिव रात्रि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। महोत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय विशिष्ट जन समेत भाई बहनों ने भाग लिया।

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महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि राजयोगी बीके लीला कांत भाई, बीके सुनीति, बीके सुनीति, बीके किरण, थानाध्यक्ष अनमोल कुमार, शिशुपाल सिंह बच्छावत, पंकज कुमार, प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता दरभंगा से आये राजयोगी लीला कांत भाई ने कहा कि शिव रात्रि परमात्मा के दिव्य अवतरण का यादगार पर्व है। कहा कि शिवलिंग पर भांग, धथुरा, गांजा, बेलपत्र, आक का फूल, दूध आदि चढ़ाने के पीछे के महत्व को भी विस्तृत रूप जे बताया।

उन्होंने आगे कहा कि आज का मानव घोर अज्ञानता रूपी अंधकार में स्वंय को भूलकर अपने स्वरूप को खो चुकी है।इसलिए मनुष्य के अंदर पापाचार, अत्याचार, दुराचार, व्यभिचार, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, भय, चिंता और निराशा आदि भर रहा है। जिसको लेकर वैसे मानव ताप से जल रहे है। इसलिए मानव को सांसारिक मोह माया से बचकर त्रिमूर्ति भगवान शिव की आराधना करने की जरूरत है। मुख्य संचालिका बीके शालिनी ने कहा जो व्यक्ति अपनी सोच नही बदल सकता वो वास्तव में कुछ नही बदल सकता है।

थानाध्यक्ष अनमोल कुमार ने कहा कि स्वंय का चिंतन मंथन से ही परमात्मा का दर्शन होता है। मौके पर बीके सुनीति, बीके किरण, बीके राम भाई, बीके शंकर, दिलीप भाई, बिके अशोक भाई, शिशुपाल सिंह बच्छावत, निर्मल भगत, बिंदेश्वरी भगत, सुखदेव भगत,बिन्देश्वरी भगत, सोनू भगत, ब्रह्मानंद ठाकुर, रवि रौशन, फुलेश्वरी देवी आदि थे।

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