सुपौल : छातापुर के सरकारी अस्पताल में मरीज़ों से ईलाज एवं महिलाओं के प्रसव में की जा रही अवैध वसूली।

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सोनू/अक्षय
कोसी की आस@सुपौल।

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जिले के छातापुर सरकारी अस्पताल में आने वाले ग्रामीण मरीजों से ईलाज एवं महिलाओं के प्रसव के दौरान एएनएम एवं डॉक्टरों की मिली भगत से अवैध रूप से वसूली की जा रही है।
डॉक्टरों के द्वारा यूँ तो प्राथमिक उपचार के नाम पर जांच घरों, एक्सरे काउंटर व अल्ट्रासाउंड के चौखट पर भेजना आम बात है। वहीं प्रसव के लिए आए मरीजों से भी अवैध वसूली की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग सेवाओं को लेकर चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन रोगियों की परेशानी बरकरार है। रोगी के परिजनों से अवैध वसूली हो रही है। इतना ही नहीं, दिनदहाड़े दवा के नाम पर पैसे ठगे जा रहे हैं। थोड़ा-सा विरोध करने पर स्वास्थ्यकर्मी उनके साथ गाली-गलौज करने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। छातापुर सरकारी अस्पताल में इसका नजारा रोजाना देखने को मिल जाता है। अस्पताल में प्रसव के लिए रेणु निशा अपनी मरीज रवीना खातून के साथ पहुंची। प्रसव होने के बाद उससे खुशनुमा के नाम पर पैसे की मांग की। 50 रुपए देने पर भड़कते हुए उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता रेणु निशा ने बताया कि मनमाफिक पैसे नहीं देने पर काफी खरी खोटी सुनायी, जबरन 200-300 रुपए लिये, तब जाकर शांत हुई।
अस्पताल में डायलोना, मेथरजीन,ऑक्सीटोक्सीन सहित कई दवाएं मौजूद हैं। लेकिन दवा रहते हुए भी बाहर से दवा लाने को कहा जाता है। लोगों का कहना है कि कमीशन के चक्कर में स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं।

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