शिक्षक द्वारा एमडीएम के तहत 6 किलो चावल के बदले 4.5 किलो ही देने का मामला, शिकायत दर्ज

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सुपौल जिले के छातापुर मिडिल स्कूल में सरकारी योजना एमडीएम के तहत स्कूली बच्चों को शिक्षक द्वारा दिए जाने वाले चावल में छात्रों ने वजन में कमी का आरोप लगया है। यहाँ बता दे कि मंगलवार को सम्बद्ध विद्यार्थियों को स्कूल के शिक्षको द्वारा एमडीएम के चावल का वितरण किया जा रहा था। चावल लेकर जाने वालें बच्चों ने बाद में स्कूल आकर चावल कम होने की शिकायत की।

अधिकांश बच्चों ने बताया कि शिक्षकों के द्वारा दिया गया 6 किलो चावल का वास्तविक वज़न लगभग साढ़े चार किलो पाया गया। जिसको लेकर बच्चों में काफी गुस्सा देखा गया। बच्चों ने इसकी शिकायत मीडिया से भी की। मीडिया को स्कूली बच्चों ने बताया कि स्कूल के शिक्षक द्वारा अनाज स्कूल मे वजन करके नही बल्कि एक बाल्टी से दे रहे थे। जब बच्चों ने इसका कारण पूंछा तो शिक्षक द्वारा प्रति छात्र 6 किलो चावल देने की बात कही।

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बाताया गया कि नाप के अनुसार ही सभी को चावल दिया जा रहा है। बाद में बच्चों ने जब स्कूल से मिले चावल को एक दुकान में जाकर वजन करवाया तो सभी अवाक हो गए। प्रति छात्र को मिले चावल में लगभग डेढ़ किलो चावल कम पाया गया। वही छात्रों ने बताया कि कम चावल का विरोध कई छात्रों को मंहगा भी पड़ गया है। क्योंकि बच्चों के इस विरोध के बाद शिक्षक शिव नारायण द्वारा डाटा बेस में नाम नही होने की बात बताकर उन्हें एमडीएम के तहत मिलने वाली चावल नही दिया।

बताया गया कि डाटा इंट्री में नाम आने के बाद ही वैसे बच्चों को चावल मिलेगा। जिसको लेकर सम्बद्ध बच्चों में मायूसी है। इस बाबत स्कूल की शिक्षिका कुसुम कला कुमारी ने बताया कि स्कूल में मिलने वाली चावल के हर पॉकेट में 3 से 4 किलों चावल कम रहता है। जिसके निमित थोड़ा बहुत कम चावल छात्रों को गया होगा। इधर, कम चावल मिलने से बच्चों के अभिभावकों में भी रोष था।

एन के सुशील
कोशी की आस@सुपौल

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