सुपौल: छातापुर में नियम निष्ठा के साथ मना चोरचंद पर्व

0
210
- Advertisement -

एन के शुशील

कोसी की आस@ छातापुर, सुपौल

- Advertisement -

छातापुर प्रखंड में सोमवार की शाम चोरचंद पर्व लोक आस्था वान लोगों द्वारा नियम निष्ठा के साथ मनाया गया।  लोगो ने देर शाम हाथ मे फल लेकर चन्द्रमा का दर्शन किया कई स्थानों पर डाला भड़ा गया और पंडित ने विधि विधान से पूजा करवाया पूजा को लेकर लोगो मे काफी उत्साह देखा गया। इस पर्व में सभी लोग  मिलजुल कर इसमे शामिल हुये। 16वीं शताब्दी से ही मिथला में चोरचंद पर्व मनाया जा रहा है। मिथला के नरेश महाराजा हेमागन्द ठाकुर के कलंक मुक्त होने के अवसर पर महारानी हेमलता ने कलंकित चाँद को पूजने की परंपरा शुरू की जो बाद में मिथला का लोकपर्व बन गया।

छठ पर्व के तरह ही हर जाति हर वर्ग के लोग इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाते है छठ में जहाँ हम सूर्य की पूजा करते है और जल चढ़ाते है उसी तरह इस दिन हम चंद्रमा की पूजा करते है कहते है कि इस दिन चन्द्रमा की दर्शन खाली हाथ नही करना चाहिए यथा संभव हाथ मे फल अथवा मिठाई लेकर चंद्र दर्शन करने से मनुष्य का जीवन दोषमुक्त व कलंकमुक्त हो जाता है। पर्व को लेकर छातापुर, चुन्नी, रामपुर, भीमपुर, सोहटा आदि पंचायतों में उल्लास का माहौल देखा गया। खासकर इस पर्व में बच्चों को काफी उमंग था। क्योंकि उगही चांद तह लपकी पुआ के नाम से यह पर्व प्रचलित है। यह पर्व उगते हुये चांद की पूजा अर्चना को लेकर किया जाता है। व्रती फुलेश्वरी देवी ने बताया कि इस पर्व के करने से व्रती समेत उनके सभी परिजनों के दुख दर्द, कष्ठ दूर होते है। जबकि पंडित कुंदा नंद झा ने इस पर्व को खास पर्व बताया है।

- Advertisement -