सुपौल : अभी भी 2008 के कुसहा त्रासदी का दंश झेलने को मजबूर, महादेवपट्टी गांववासी

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सोनू आलम

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कोसी की आस@बलुआ बाजार,सुपौल

जिले के छातापुर प्रखंड के लक्ष्मीनिया पंचायत स्थित महादेवपट्टी गांववासी अभी भी 2008 के कुसहा त्रासदी का दंश झेलने को मजबूर है। जानकारी अनुसार 2008 में आए प्रलयकारी बाढ़ में उक्त गांव स्थित गेड़ा नदी ने अपनी दिशा (धारा) बदल नयी दिशा बना महादेवपट्टी गांव के वार्ड 4 से सट कर बहने लगी, जिस कारण नदी के तेज बहाव से लगभग तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर, जमीन, पेड़ आदि को धीरे-धीरे अपने चपेट में ले लिया है। इतना ही नहीं उक्त गांव स्थित कब्रिस्तान को भी नदी ने नहीं बक्सा, उसे भी अपने चपेट में ले लिया है।

इस कटाव की समस्या से ग्रामीण काफी चिंतित हैं और प्रसाशन के खिलाफ लोगो में काफी आक्रोश है। स्थानीय मो अहजाब आलम, मो सलीम, रहीमा खातून, गुलशन खातून, निकाइल, मो कलीम, मो मजीद, मो महताब, समसा खातून, मो यासीन, मो गुड्डू आदि ने बताया कि वे लोग 2008 के बाद से ही इस परेशानी का सामना करते आ रहे हैं और इस का समाधान के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, शिकायत के बाबजूद भी कोई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी इस समस्या के प्रति जबाब देह नहीं दिख रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधि केवल कोरा आश्वासन देकर चले जाते है। हमलोगों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। गांववासियों ने बताया कि नदी की तेज धारा से तेजी से कटाव को लेकर भय बना रहता है। लोगों ने कहा कि सरकार द्वारा जल्द से जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो हमलोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो, धरना-प्रदर्शन करेंगे ।

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