सुपौल : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नए मॉडल भवन में शिफ्ट होने के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति जस-की-तस।

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सोनू आलम
कोसी की आस @बलुआ बाजार,सुपौल

जिले के बलुआ बाजार प्रखंड क्षेत्र के बलुआ में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जर्जर भवन से नए मॉडल भवन में शिफ्ट करने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र का स्थिति जस-की-तस बनी हुई है। लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के नाम पर विभाग ने हरेक प्रखंड में बड़े-बड़े अस्पताल भवन तो बनवा दिये, लेकिन मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के नाम पर विभाग के द्वारा आज भी ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ है।

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नए भवन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जाने के बाद लोगों को एक अच्छी व्यवस्था मिलने की आस थी, लेकिन आज भी जहाँ तीस बेड वाले अस्पताल में सिर्फ चार बेडों से काम चलाया जा रहा है। जहाँ विभाग ने अस्पताल में नौ डॉक्टर के सेवा करने का दावा किया था, वहीं महज सिर्फ दौ डॉक्टर ही अब तक नियुक्त किये गये हैं।

यही नहीं आम लोगों का कहना है कि डॉक्टर अमित कुमार की प्रतिदिन ड्यूटी होने के बाद भी, महाशय सप्ताह में एक-दो दिन ही दर्शन देते हैं। आलम यह है कि दो डॉक्टर बस नाम के लिए है, जबकि ओपीडी एक डॉक्टर के सहारे ही चल रहा है। बलुआ बाजार अस्पताल में कुव्यवस्था इस कदर हावी है कि रोगी को आयुष डॉक्टर के द्वारा ऐलोपैथिक दवाईयां लिखी जाती है। वहीं जब इस संदर्भ में आयुष डॉक्टर हयात अनवर से पूछा गया तो उन्होंने बताया डॉक्टर अमित कुमार की ड्यूटी 30 दिनों की है, लेकिन वो रेगुलर नहीं आते। आनन-फानन में विभाग ने सभी सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर अस्पताल को शिफ्ट तो करा दिया, लेकिन अब वो सभी दावे ढाक के तीन पात नजर आते है।

वहीं अस्पताल में दवा भी पर्याप्त नहीं रहने के कारण मरीजों को दवा बाहर से खरीदने की सलाह दी जाती है, जिसमें कुछ स्थानीय बिचौलियों का मुनाफा जुड़ा होता है। वही आशा संगीता देवी, रेखा देवी, आशा देवी, जानकी देवी, मुन्नी देवी, ममता कुमारी, रजिया बानो, रंजना देवी आदि ने बताया कि मातृशिशु प्रोत्साहन राशि 2016, 2017, 2018 का अभी तक के लाभुकों को भुगतान नही मिल पाया है। इस संबंध में आशा मैनेजर रंजीत कुमार ने बताया कि 2016, 2017 के पेसेंट के दस्तावेज तब कार्यरत ऑपरेटर अहमद के पास जमा करना था, लेकिन आशा कर्मी का कहना है उन्होंने डेटा ऑपरेटर अहमद के कहने पर पेसेंट का दस्तावेज हॉस्पिटल के कर्मी के पास जमा करा दिया था, लेकिन दस्तावेज ऑफिस तक नहीं पहुँचा। साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ का पेमेंट खाता में कुछ समस्या के कारण वापस हो गया।

साथ ही डॉक्टर अमित कुमार के हमेशा हॉस्पिटल से अनुपस्थित रहने के संदर्भ में स्वास्थ्य प्रबंधक नौमान अहमद ने बताया कि डॉ अमित कुमार के बारे में जिला विभाग को सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी डॉक्टर श्री कुमार के इस रवैये के कारण दो माह का वेतन रोक दिया गया था, इसके बावजूद उनके रवैये में सुधार नहीं हुआ है। इसके बारे में विभाग को सूचित किया गया है। विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।

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