सुपौल : तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग से हुई हत्या के विरोध में आक्रोश मार्च

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सोनू आलम
झारखंड में तबरेज अंसारी नामक युवक की मॉब लिंचिंग में हुई मौत के विरोध में छातापुर प्रखंड क्षेत्र के माधोपुर पंचायत के महद्दीपुर बाजार में बुधवार की शाम आक्रोश मार्च निकाला गया। खादिम-ए-मजलिस खलीकुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में आक्रोश मार्च जामा मस्जिद चौक से भ्रमन करते हुए हरिहरपुर पंचायत भवन तक निकाला गया तथा वहाँ से पुनः वापस होकर जामा मस्जिद चौक पर आक्रोश मार्च सभा में तब्दील हो गया। आक्रोश मार्च में शामिल लोगों ने झारखंड सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
श्री अंसारी ने कहा कि झारखंड के सरायकेला जिले के खरसावां में 24 साल के तबरेज अंसारी की भीड़ ने लगातार 18 घंटे तक पिटाई की। लोगों ने उससे जय श्री राम और जय हनुमान बोलने पर मजबूर किया। इस दौरान लात, घूंसों, डंडों से लगातार उसकी पिटाई की जाती रही। बाद में भीड़ ने तबरेज को पुलिस के हवाले यह कहते हुए कर दिया कि यह बाइक चोर है। जेल जाने के चार दिन बाद ही तबरेज की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर बेगुनाह लोगों की हत्या माॅब लिंचिंग में की जा रही है। उन्होंने माँग की कि पूरे मामले की न्यायिक जाँच के बाद स्पीडी ट्रायल कर दोषियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी किसी बेगुनाह को रास्ते में कोई भी झूठा इल्जाम लगाकर मार दिया जाता है, तो कभी किसी मौलवी को ट्रेन से फेंक दिया जाता है, कभी किसी को जय श्री राम का नारा नहीं लगाने पर जान से मार दिया जाता है, तो कभी किसी को गाय के नाम पर मार दिया जाता है, कभी किसी के घरों को लूट लिया जाता है, तो कभी किसी की ढ़ाढ़ी नोंच ली जाती है, कभी किसी का दुपट्टा और नकाब खिंच लिया जाता है, तो कभी किसी को जबह कर जला दिया जाता है, कभी किसी को खंबें में बांधकर मार दिया जाता है और हद तो तब हो जाती है कि इन सारी घटनाओं को अंजाम देने वाले दरिंदे विडियो बनाकर इसे जनता के बीच में वायरल भी कर देते हैं। उन्होंने कहा कि या तो सरकार पूरी तरह से इसका समर्थन करती है या फिर इस तरह के भेड़िए, दरिंदे, आतंकवादियों के सामने नतमस्तक बन चुकी है।
श्री अंसारी ने कहा की 4 जुलाई को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जायेगा। इस मौके पर गुड्डू खान, मो सद्दाम हुसैन, बिस्मिल्लाह अंसारी, जफरुल होदा उर्फ राजू, मो इजहार, अबूजर अंसारी, शेख खलीक, नाजिश खान, डॉ एजाज, आसिफ खान, मो मुराद, शेख सद्दाम, चांद कौशर, इनटू अंसारी, आकिल ओबेसी, आदील अंसारी, परवेज मुसरफ, जाबिर पठान, सहजाद साजन, शेख गयास, मो दिलशाद, मो इंतेखाब खान, प्रिंश सहित दर्जनों लोग शामिल थे ।
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