कोरोना अर्थात कोविड-19 और उसका निवारक

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स्पेशल डेस्क

कोशी की आस@मुंबई

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कोरोना अर्थात कोविड-19 एक नए प्रकार का वायरस, जो मूलतः हमारे स्वसन तंत्र और फेफड़े को प्रभावित करते हुए हमें अंतिम सांस लेने को मजबूर कर देता है। महामारी का रूप ले चुका है, जिससे दुनिया के महत्वपूर्ण और शक्तिशाली देशों सहित कई देशों में अब तक लाखों लोग प्रभावित हो चुके हैं और हजारों की संख्या में जान भी जा चुकी है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि कोरोना से कैसे बचें और यदि आप प्रभावित हो चुके हैं, तो इसका इलाज क्या है? साथ ही यदि आप कोरोना से ठीक (रिकवर) हो चुके हैं तो क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? इस लेख में हमारा मुख्य ध्यान पहले मुद्दे पर है यानी कि कोरोना से कैसे बचा जाए? क्योंकि दूसरे मुद्दे के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है और तीसरा मुद्दा पहले मुद्दे में ही समाहित है।

कम्युनिटी चिकित्सा जिसे हम सामाजिक चिकित्सा, निवारक चिकित्सा या सार्वजनिक स्वास्थ्य के नाम से जानते हैं। इस अवधारणा पर आधारित है कि अगर समाज स्वस्थ रहेगा, तभी लोग स्वस्थ रह सकते हैं। अगर समाज सजग रहें, तो हम कई बीमारियों से बच सकते हैं और हमें डॉक्टर के क्लीनिक में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वच्छ भारत अभियान सामुदायिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने की दिशा में एक अभियान है। यदि हम शुद्ध हवा, शुद्ध पानी, अच्छा खाना और अच्छे सामाजिक वातावरण में रहेंगे, तो नि:स्संदेह हम बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं। इसका महत्व तब और बढ़ जाता है, जब महामारी फैलती है और जब हम यह जानते हैं कि भारत में हर 1319 लोगों के लिए सिर्फ एक ही डॉक्टर है। सोशल डिस्टेंसिंग कम्युनिटी चिकित्सा का ही एक तरीका है। सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब यह है कि हम पहले एक दूसरे से दूरी बनाकर, फिर एक परिवार से दूसरे परिवार के बीच दूरी बनाएं, बाद में एक समुदाय से दूसरे समुदाय के बीच दूरी बनाकर रखें क्योंकि कोरोनावायरस संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है।

कोरोनावायरस की उत्पत्ति भारत में नहीं हुई है। यह चीन के बुहान शहर से पैदा होकर पूरे विश्व में फैला है। यह संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है यानी कि कोरोना पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से हम इससे कोरोना से पीड़ित हो सकते हैं। इसलिए एक दूसरे से दूरी बना कर रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत सरकार ने 21 दिनों के लिए लॉक डाउन का आवाहन किया है ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में ना आए और इस महामारी पर काबू पाया जा सके।

कोरोनावायरस शहर में पैदा हुआ, अब तक एक शहरी बीमारी है और शहर में तेजी से फैलता जा रहा है लेकिन जिस तरह से लोग खासकर मजदूर वर्ग के लोग जिनका स्वास्थ्य पहले से ही खराब होता है, बड़ी तादाद में शहर से गांव की ओर पलायन कर रहे हैं। आने वाले समय में यह ग्रामीण क्षेत्र में भी उतनी ही तेजी से फैल सकता है और तब यह भयावह रूप ले सकता है क्योंकि हमारे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था उतना दुरुस्त नहीं है, जितना कि अन्य देशों या शहरों का है।

ऐसी स्थिति में कोरोना से बचने का निवारक तरीका ही सही मालूम होता है जिसकी मदद से हम अपने आप को बचा सकते हैं। अतः सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, घर में ही बंद रहे, हर दो-तीन घंटे पर गर्म पानी का सेवन करें और अपने गले और फेफड़े को साफ रखें, विटामिन सी का भी सेवन करें ताकि आपकी रोग निरोधक क्षमता बनी रहे। वरिष्ठ नागरिक (सीनियर सिटीजन) को कुछ ज्यादा ही सजग रहना चाहिए क्योंकि उनकी रोग निरोधक क्षमता कम रहती है। हम आशा करते हैं कि कोरोनावायरस के खिलाफ टीका वैक्सीन जल्द ही हमारे वैज्ञानिक बना लेंगे और हम सभी स्वस्थ और सुखी हो जाएंगे।

उक्त आलेख “कुंदन शाहजदपुरिया” जो भारत सरकार के केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, ने कोशी की आस के लिए प्रेषित किया गया है।

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