एक देश एक परीक्षा की दिशा में कदम बढ़ाती केंद्र सरकार, छात्रों की मुश्किलें होंगी कम

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स्पेशल डेस्क
कोसी की आस@नई दिल्ली

आने वाले समय में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों की मुश्किलें कम हो सकती है। जी हां, अब केंद्र सरकार नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लेकर काफी सजग दिख रही है। अब सरकार एक देश एक परीक्षा की और कदम बढ़ा रही है। इससे न सिर्फ छात्रों भिन्न भिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में बैठना पड़ेगा बल्कि पैसे की भी बचत होगी।

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एक बड़े कदम के तहत केंद्र सरकार ने प्रस्ताव किया है कि ग्रुप बी और सी की नौकरियों के लिए विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा सिर्फ एक परीक्षा-सामान्य पात्रता परीक्षा (सेट) का आयोजन किया जाए। इस समय संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के लिए अधिकारियों का चयन करता है। इसके अलावा यह ग्रुप ए और ग्रुप बी (राजपत्रित) के लिए भी अधिकारियों का चयन करता है। और साथ ही कर्मचारी चयन आयोग (SSC) सरकारी विभागों के लिए मुख्यतः ग्रुप बी कर्मचारियों का चयन करता है।

अब कार्मिक विभाग ने सरकारी नौकरियों के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा के जरिये किसी विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा ग्रुप बी (अराजपत्रित), कुछ ग्रुप बी (राजपत्रित) और ग्रुप सी पदों पर भर्ती का प्रस्ताव रखा है। केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि इससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिलेगा। इसके अलावा इससे अभ्यर्थियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के पैसे की भी बचत होगी।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के निर्देश पर सरकार द्वारा उठाए जा रहे कई नए कदमों में एक होगा। कार्मिक मंत्रालय ने इस सिलसिले में केंद्र सरकार के मंत्रालयों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य संबंधित पक्षों से एक महीने में जवाब मांगा है।

सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक मार्च, 2018 तक केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों
में 6,83,823 पद खाली थे। इनमें 5,74,289 पद ग्रुप सी, 89,638 पद ग्रप बी और 19,896 पद ग्रुप ए के हैं।

इस समय सरकारी नौकरियों के लिए अभ्यर्थियों को विभिन्न परीक्षाओं में बैठना पड़ता है। इन परीक्षाओं का संचालन अलग-अलग एजेंसियां करती हैं। इनकी पात्रता के लिए ही समान मानदंड का प्रस्ताव किया गया है। हर साल करीब 1.25 लाख रिक्तियों के लिए लगभग 2.5 करोड़ छात्र विभिन्न परीक्षाओं में बैठते हैं।

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