आमदनी बढ़ी, नहीं कहेंगे पर महंगाई को रोज कोसेंगे, यही हमारी नकारात्मकता

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आज तक किसी ने यह नहीं कहा कि हम आनंद में हैं या हमारी कोई समस्या नहीं है। कोई व्यक्ति कभी नहीं कहेगा कि आमदनी बढ़ गई, केवल यही कहता है कि मंहगाई बढ़ गई। यही नकारात्मकता है। दुनियाँ में सिर्फ मनुष्य ही है जो भीख मांगता है और दूसरे की योग्यता से कमाए हुये धन को लेना चाहता है। हमने रोना ही सीख लिया है तो भगवान क्या करेंगे? हमारा क्या होगा यह आज की सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए सत्संग में गुरु बताते हैं कि जिस समय जो है, जैसा है, उसी में आनद से रहें। महामाया मंदिर प्रांगण, पुरानीबस्ती, रायपुर में चल रही श्रीराम कथा में संत मैथिलीशरण भाई ने यह बाते कही। उन्होंने आगे कहा कि लोग यही कहते मिलते हैं ऐसा हो गया, वैसा हो गाया, पता नहीं आगे क्या होगा। जबकि संत जो हो गया, उसे भूल जाते हैं। जो होगा उसकी चिंता नहीं करते हैं इसलिए वे आनंद में रहते हैं। जो वर्तमान में काम करेगा, वही रात में चैन से सोएगा। जीवन में हमेशा सावधान रहना चाहिए।

 

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       ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग गुरु बताते हैं:-  उन्होंने कहा कि मंदिर में जब भगवान के सामने खड़े होते हैं तो आँखें बंद हो जाती हैं। आँखें खोलकर जो संसार को देख रहे हैं वह दृष्टि है, लेकिन भगवान अंतर्दृष्टि से दिखाई देते हैं। दृष्टि होते भी भगवान तक नहीं पहुँच पाते, यह मार्ग तो गुरु ही बताता है।

 

       ऊपर उठो और आगे बढ़ो जो वस्तु का सही रूप में उपयोग कर लिया वही तरक्की करेगा, आगे बढ़ेगा। जितनी भी जगह आप व्यक्तित्व विकास के लिए जा रहे हैं सिर्फ यही सिखाया जा रहा है ऊपर उठो – आगे बढ़ो। विद्या वो है जो आपको मुक्त कर दें, मुक्त दिखना और मुक्त होना अलग बात है। जो विद्या से ऊपर उठ गए वही भगवान के भक्त हैं। प्रयास तो उठने के लिए करना चाहिए। मुक्ति और कृपा बगैर गुरु संभव नहीं है।

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टीम- “कोसी की आस” ..©

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