ओर्गेनिक खेती : आइये जानते हैं कैसे तैयार करें कीटनाशक दवाई और…

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पिछली कड़ी में हमने सीखा कि किस प्रकार गोबर से खाद बनाई जाती है । इस प्रकार हम जान चुके हैं कि गोबर की खाद इस्तेमाल करने के बाद खेतों में केंचुए की संख्या बढ़ती है और केंचुआ किसान के लिए बहुत ही लाभप्रद जीव माना जाता है। हमें इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि किस प्रकार खेतों में केंचुआ की संख्या को बढ़ाना है । आज हम खेत में केंचुआ की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ कीटनाशक दवाई कैसे बनाएंगे और साथ ही बीज बोने से पहले किस प्रकार बीज को संस्करित करेंगे

आइये जानते हैं :-

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आपको अपने खेत में केंचुए की संख्या बढ़ानी है तो आपको गोबर की खाद इस्तेमाल करना पड़ेगा, क्योंकि केंचुए को गोबर पसंद है और अगर आप एक बार गोबर की खाद डाल देते हैं तो उसके  आसपास किसी भी खेत में या कहीं भी अगर केचुआ मौजूद है तो वह आपके खेत में आ जाएगा।  केंचुए बहुत ही विचित्र प्राणी है। वह 24 घंटे काम करता है कभी छुट्टी नहीं करता कोई संडे-मंडे नहीं होता है।  साथ ही यह साल भर जिंदा रहता है और 1 साल में तकरीबन 100000 बच्चे पैदा करता है।  वह हम दो हमारे दो में विस्वास नहीं करता । इस प्रकार अगर 100000 बच्चे 1 साल में हुए तो वह 100000 बच्चे आने वाले टाइम में और कितने  बच्चे पैदा करेंगे, जिससे वहां की मिट्टी तो सोना ही पैदा करेगी । सारे संसार के वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर आप केंचुए संख्या अपने खेतों में बढ़ाते हैं तो वहाँ कि मिट्टी से सोना उपजेगी । खूब पैदावार होगी खूब फसल होगी।

अभी मैंने आपको गोबर से खाद बनाना करने का तरीका बताया अब मैं आपको कीटनाशक दवा बनाने का भी तरीका बताता हूं। आप अगर गोबर का खाद अपने खेत में डालते हैं और यदि आपका पड़ोसी किसान भाई गोबर  खाद का इस्तेमाल नहीं कर रहा है वह यूरिया, पोटाश आदि डाल रहा है तो एक समस्या उत्पन्न होती है । आपके पड़ोसी के खेत में कीड़े लगेंगे।  जिस खेत में यूरिया, पोटाश आदि डालते हैं, उस खेत में ही कीड़े लगते हैं जहां डीएपी का इस्तेमाल होता है सबसे ज्यादा कीड़े उसी खेत में होती है । तो इस प्रकार यदि आपके पड़ोसी किसान भाई गोबर खाद का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उस खेत से सारे कीड़े आपके भी खेत में आ जाएंगे क्योंकि आपने कोई बाउंड्री तो बनाई नहीं है। इसीलिए अब मैं आपको कीड़े मारने की दवा बनाने का तरीका भी बताता हूं, आपको बाजार से खरीदने की कोई जरूरत नहीं है।

20 लीटर गाय ,भैंस या बैल का मूत्र लें । उसमें दो से ढाई किलो नीम के पत्ते, दो से ढाई किलो सीताफल के पत्ते करीब 3 किलो आक के पत्ते , करीब पाउने किलो तंबाकू के पत्ते, आधा किलो लहसुन तथा आधा किलो खूब तीखी मिर्च सबको पीस लें। और इसको उस मूत्र में मिला दे। मिलाने के बाद इसको खूब उबालें ।  उबालने के बाद उसे ठंडा कर दें । अब इसे  200 लीटर पानी में पानी मिला दे । अब यह पूरे एक एकफसल को किसी भी तरीके से सुरक्षित रख सकता है । इसको आप पूरे खेत में स्प्रे कर दें।  इस कीटनाशक की भी एक विशेषता है कि इसकी कोई  एक्सपायरी डेट नहीं होती । यह कभी खराब नहीं होता है । इस प्रकार हमने अब तक,  गोबर से खाद बनाना सीख लिया, कीटनाशक दवा भी बना लिए । अब हमें एक और काम करना है अब जब हम खेत में बीज डालते हैं या बीज बोते हैं तो पहले बीज को संस्कारित कर लेना हैं। अब मैं आपको बहुत ही सरल उपाय बताता हूँ कि बीज बोने से पहले कैसे बीज को संस्कारित करते हैं।

बीज बोने से 2 दिन पहले, हमें 1 किलो मूत्र, 1 किलो गोबर, 100 ग्राम चुना लेना है। पहले हम चुना को कैसे मिलाएंगे ये तरीका जान लें । चूना को पानी में डालना है, वह पानी को खूब गर्म करेगा , फिर जब वह ठंडा हो जाएगा तब उसके बाद तीनों को मिला देंगे। मिलाने के बाद उसमें गेहूं का बीज डालते हैं और उसे रात भर छोड़ देना है। सुबह में इसको छानकर इस बीज को छांव में सुखा लेना है जब बीज सूख जाए फिर उसको खेत में लगाएंगे । इस प्रकार इस बीज पर कभी कीड़ा नहीं आएगा ।

Pic Source- DD Kisan Channel

आज हमनें इस कड़ी में कीटनाशक दवाई बनाने के बारे में साथ ही बीज बोने से पहले कैसे बीज को  संस्कारित करना है के बारे में जानकारी प्राप्त की। अगली कड़ी (यानि ठीक बृहस्पतिवार) को हम फिर एक नई जानकारी के साथ उपलब्ध होगें। तब तक के लिए नमस्कार, आदाब और शुक्रिया।

(यह “कोसी की आस” टीम के सदस्य द्वारा संग्रहित जानकारी पर आधारित है।)

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टीम- “कोसी की आस” ..©

 

 

 

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