आख़िर भाई तो भाई होता है

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मँझधार में फँसे अपनों की नाव को पार कराने में मदद करें, आप खुद भी तट तक पहुँच जाएगें या आप यदि अच्छे हालात में हैं तो और बेहतर हो जायेंगे। एक पुरानी कहावत है कि “अपना तो अपना ही होता है”, शायद यही वजह रही होगी, जिसके कारण “मुकेश अंबानी” ने अपने अनुज “अनिल अंबानी” जिनसे उनके रिश्ते बीते कुछ वर्षों से बेहतर नहीं थे फिर भी मुसीबतों से उबारा।
आइये जानते हैं:-
कर्ज़ में फंसे अरबपति “अनिल अंबानी” ने अपने बड़े भाई “मुकेश अंबानी” और भाभी “नीता अंबानी” से मिली मदद कि वजह से “स्वीडिश टेलीकॉम कंपनी, एरिक्सन” का कर्ज उतार दिया। मुसीबत के समय साथ देने के लिए अपने भाई-भाभी को धन्यवाद दिया। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार यदि “अनिल अंबानी” कर्ज नहीं चुकाते तो उन्हें तीन महीने के लिए जेल भी जाना पड़ सकता था। अनिल की कर्ज में डूबी कंपनी “रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम)” ने “एरिक्सन” को ब्याज सहित 550 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। यह भुगतान सुप्रीम कोर्ट से मिली मोहलत खत्म होने के ठीक एक दिन पहले किया गया। कोर्ट ने कहा था कि समय रहते हुए अगर अनिल अंबानी ने भुगतान नहीं किया तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

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क्या था मामला?

“स्वीडिश टेलीकॉम कंपनी, एरिक्सन” ने “आरकॉम” के नेटवर्क के संचालन और रखरखाव के लिए 2013 में समझौता किया था। एरिक्सन ने 2017 में बैंकक्र्प्सी कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरकॉम पर इस समझौते के मध्य में 1600 करोड रुपए नहीं चुकाने का आरोप लगाया था। अनिल अंबानी ने बकाया चुकाने को लेकर निजी गारंटी भी दी थी, लेकिन भुगतान नहीं किया। 20 फरवरी 2019 को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम से 19 मार्च तक बकाया चुकाने को कहा था।
सोमवार को देर शाम अनिल अंबानी द्वारा जारी बयान में कहा कि “इस कठिन समय में मेरा साथ देने के लिए और सही समय पर मदद पहुँचाकर हमारे मजबूत परिवारिक मूल्यों के प्रति सच्चे बने रहने का महत्व प्रदर्शित करने के लिए मैं अपने माननीय बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता को तहे दिल से धन्यवाद करता हूँ”। एक वक़्त था जब दोनों भाइयों के संबंध अच्छे नहीं थे और दोनों में प्रतिद्वंद्विता थी। अनिल अंबानी ने लिखा है, ”मैं और मेरा परिवार इस बात के लिए आभारी है कि हम अतीत से निकल गए हैं। इस मदद के लिए दिल से आभार प्रकट करता हूँ। उन्होने कहा कि जिस वक़्त मुझे सबसे ज़्यादा मदद की ज़रूरत थी मेरा परिवार साथ खड़ा हुआ। ”

एक वक़्त था जब ये भारत की दूसरी बड़ी टेलिकम्युनिकेशन्स कंपनी थी। आज ये कंपनी दिवालिया होने के कगार पे है। कभी अनिल अंबानी दुनियाँ के 10 सबसे अमीरों कि सूची में हुआ करते थे।
Pic Source- GOOGLE INTERNET

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टीम- “कोसी की आस” ..©

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