केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, स्वास्थ्यकर्मी पर हमले में दोषी पाये गये तो होगी 6 महीने से 7 साल तक की सजा

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कोरोना वायरस महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार चिंतित है और इसे लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई गई और नया अध्यादेश लाया गया है। सरकार इसे लेकर अध्यादेश लाई है। अध्यादेश में हिंसा के दोषी के लिए छह महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

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बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस महामारी से देश को बचाने की कोशिश कर रहे स्वास्थ्यकर्मी दुर्भाग्य से हमलों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ हिंसा या इस तरह की कोई घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक अध्यादेश लाया गया है, इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। जावड़ेकर ने आगे कहा, ‘डॉक्‍टरों व आरोग्‍यकर्मियों पर हमले बर्दाश्‍त नहींं किए जाएंगे। यह गैरजमानती अपराध होगा। स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के गाड़ी या क्‍लिनिक पर हमला हुआ तो हमलावरों को नुकसान का दोगुना हर्जाना देना होगा। इन्‍हें 50 हजार से दो लाख तक मुआवजा दिया जाएगा।’ इसके अलावा उन्‍होंने स्वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए 50 लाख रुपये का इंश्‍योरेंस की भी घोषणा की। उन्‍होंने कहा, ‘सरकार स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का ध्‍यान रखेगी। 1.88 करोड़़ रकम की पीपीई का ऑर्डर दिया गया है।

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