रेल मंत्रालय ने कहा राज्य सरकार से केवल मानक किराया लिया गया है जो कि कुल लागत का सिर्फ 15% है

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कोरोना वायरस की वजह से देश में जारी लॉकडौन की वजह से यातायात के सभी साधन बंद हैं। इस वजह से देश के लाखों लोग जिनमें खासकर मजदूर वर्ग और छात्र हैं, अपने अपने घर वापस नहीं पहुँच सके। इन लोगों की परेसानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कुछ शर्तों के साथ कुछ सीमित ट्रैन चलाने की अनुमति दी थी ताकि ये लोग अपने घर पहुँच सके।

इस बीच प्रवासी मजदूरों से रेलवे द्वारा किराया वसूलने पर हुई राजनीति के बीच आज रेलवे ने स्प्ष्ट किया कि मजदूरों से कोई किराया वसूला नहीं जा रहा है बल्कि राज्य सरकार से केवल मानक किराया 15% ही लिया जा रहा है। बाकी का वहन रेलवे खुद उठा रही है।

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रेल मंत्रालय द्वारा बताया गया है कि रेलवे देश के विभिन्न हिस्सों से अब तक 34 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं। इस मुश्किल समय में गरीब लोगों को उसके घर तक पहुँचाने को रेलवे जिम्मेदारी पूर्वक पूरा कर रही है।

रेलवे इस दौरान कोरोना वायरस के कारण सोसल डिस्टनसिंग को ध्यान में रखते हुए श्रमिक ट्रैन चलाई रही है। साथ ही रेलवे द्वारा बताया गया है कि प्रवासी मजदूर को मुफ्त भोजन व बोतलबंद पानी भी दिया जा रहा है।

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