श्री राम जन्मभूमि प्रांगण में पीएम ने पारिजात का पौधा लगाया, क्या है इस पौधे का हिन्दू धर्म में महत्व

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परिजात के पौधे का धार्मिक महत्व है। इसके फूलों से भगवान हरि का श्रृंगार होता है। इस औषधिय पौधा हिमालय के नीचे के तराई वाले क्षेत्रों में पाया जाता है। आज पीएम मोदी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। परिजात के पौधे के धार्मिक महत्व के कारण ही इसे भूमि भूजन कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

इस पौधे का हिंदू धर्म में बेहद महत्व है और अपनी कुछ और खासियतों की वजह से ही इसे राम जन्म भूमि पूजन समारोह का हिस्सा बनाया जा रहा है, कहा जाता है कि पारिजात को छूने मात्र से ही व्यक्ति की थकान दूर हो जाती है।

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पारिजात धाम आस्था का केंद्र है। सावन माह में यहां श्रद्धालुओं का मेला लगता है। महाशिवरात्रि व्रत पर यहां कई जिलों से श्रद्धालु जल चढ़ाने पहुंचते हैं।

पूजा के लिए इस वृक्ष से फूल तोड़ना पूरी तरह से निषिद्ध है, यानि जो फूल पेड़ से गिर जाते हैं उन्हीं को पूजा में चढ़ाया जाता है। एक मान्यता ये भी है क‍ि 14 साल के वनवास के दौरान सीता माता हर‍सिंगार के फूलों से ही अपना श्रृंगार करती थीं। परिजात एक पुष्प देने वाला वृक्ष है इसे हरसिंगार, शेफाली, शिउली आदि नामो से भी जाना जाता है इसका वृक्ष 10 से 15 फीट ऊँचा होता है

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